विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए एनएमसी ने एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू कर दी है. यह मौका उन उम्मीदवारों को दिया गया है, जो पहले तय समय सीमा के अंदर तकनीकी दिक्कतों के कारण अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे. एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड को ऐसे उम्मीदवारों की ओर से आवेदन प्रक्रिया में आ रही परेशानियों को लेकर अनुरोध मिले थे. इसके बाद आयोग ने प्रभावित और एलिजिबल उम्मीदवारों को आवेदन दोबारा करने का अवसर देने का फैसला किया. अब उम्मीदवार 7 अक्टूबर 2026 तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
एनएमसी की ओर से दोबारा खोली गई आवेदन विंडो 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी. उम्मीदवारों को आवेदन के लिए एनएमसी के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार application.nmc.org.in जाकर एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट का फॉर्म भर सकते हैं. आयोग ने सलाह दी है कि उम्मीदवार आखिरी समय तक इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन पूरा कर लें, ताकि अंतिम समय में तकनीकी समस्या होने पर परेशानी न हो.
तकनीकी समस्या के कारण मिला दूसरा मौका
इससे पहले EC आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी. कुछ उम्मीदवारों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके चलते वह समय पर अपना फार्म पूरा नहीं कर सके. इन उम्मीदवारों की परेशानी को देखते हुए ईएमआरबी ने आवेदन की सुविधा दोबारा खोलने का निर्णय लिया है. जिन एलिजिबल उम्मीदवारों का आवेदन पूरा नहीं हो पाया था, उनके पास अभी अपनी प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका है.
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फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
एनएमसी ने उम्मीदवारों का आवेदन करते समय सभी जानकारी सावधानी से दर्ज करने की सलाह दी है. पर्सनल डिटेल, शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी जानकारी भरने के बाद उसे जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है. आयोग ने साफ किया है कि अधूरे आवेदन एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे और उन्हें खारिज कर दिया जाएगा. ऐसे में आवेदन के लिए ईएमआरबी या एनएमसी जिम्मेदार नहीं होगा. इसलिए उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी और जरूरी डिटेल सही तरीके से भरे गए हों.
विदेश से MBBS करने वालों के लिए क्यों जरूरी EC?
एनएमसी का एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट विदेश में एमबीबीएस या दूसरा मेडिकल कोर्स करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट है. इसके जरिए निर्धारित किया जाता है कि उम्मीदवार विदेश से मेडिकल एजुकेशन हासिल करने के लिए निर्धारित शैक्षणिक और नियामकीय शर्तों को पूरा करता है या नहीं. विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद भारत लौटकर मेडिकल क्षेत्र में आगे की प्रक्रिया पूरी करने की योजना बना रहे उम्मीदवारों के लिए एनएमसी की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है. ऐसे में EC के लिए आवेदन करते समय जानकारी और डॉक्यूमेंट में किसी तरह की कमी नहीं रहने देना जरूरी है.
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