Headlines

व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग


दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की होने वाली रैली को स्थगित करने की मांग को लेकर व्यापारिक संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को पत्र लिखा है. उन्होंने समावादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रमुखों को लिखे पत्र में मांग की है कि रामलीला मैदान में होने वाली रैली को दिवाली के बाद तक स्थगित की जाए. व्यापारियों ने कारोबार और ट्रैफिक के प्रभावित होने की आशंका जताते हुए दोनों नेताओं से हस्तक्षेप करने की अपील भी की है.

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन और किराना कमेटी दिल्ली ने कहा कि फेसटिवल सीजन में होने वाली इस रैली से कई थोक बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है. इस दौरान व्यापारियों को बिक्री में भारी बढ़ोत्तरी की उम्मीद रहती है.

व्यापार संगठनों ने पत्र में की अपील, चेतावनी भी दी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों संगठनों ने इंडिया ब्लॉक में शामिल समाजवादी पार्टी और टीएमसी के दोनों नेताओं से अपील की है कि वे इस मुद्दे को कांग्रेस नेतृत्व के सामने उठाएं. अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भेजे गए पत्रों में व्यापारिक संगठनों ने कहा कि धनतेरस से दिवाली के बीच दिल्ली में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है. उनका दावा है कि सितंबर और अक्टूबर में विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात प्रतिबंधों के कारण पहले ही करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सका है. 

उन्होंने चेतावनी दी है कि शॉपिंग सीजन के पीक टाइम में एक और बड़ी रैली होने की वजह से 10 हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है. इसका असर न सिर्फ व्यापारियों तक सीमित रहेगा, बल्कि उनके अंतर्गत काम करने वाले मजदूरों, डिलीवरी कर्मचारियों और अन्य लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है, जो व्यापारिक गतिविधियों पर ही निर्भर हैं.

रैली होने से ग्राहकों की आवाजाही और सामानों की आपूर्ति प्रभावित होगी

संगठनों ने कहा कि रामलीला मैदान से पांच किलोमीटर के दायरे में सदर बाजार, खारी बावली और चांदनी चौक समेत करीब 20 बड़े थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं. रैली होने से यातायात प्रतिबंध, सड़कें बंद होने और भीड़ बढ़ने की आशंका है. इससे ग्राहकों की आवाजाही और सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

व्यापारियों ने इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व से रैली को दिवाली के बाद तक स्थगित करने की अपील की है. उनका कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन दोबारा निर्धारित किया जा सकता है, लेकिन साल के सबसे अहम कारोबारी समय में बिक्री का नुकसान व्यापारियों के लिए मुश्किल होगा. 

यह भी पढ़ेंः ‘कोर्ट ने कहा नमाज नहीं पढ़नी है तो नहीं पढ़नी चाहिए’, दिल्ली HC के फैसले पर बोले विनोद बंसल



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *