महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी उठापटक का दौर लगातार जारी है. इस बीच बीजेपी शरद पवार की एनसीपी को साधने में जुटी हुई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है.
इस बात का दावा कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने किया है. पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके विधेयक के नए स्वरूप को किसी भी तरह का समर्थन देना एनसीपी (एसपी) की अपनी उस अंतरात्मा के साथ ‘‘विश्वासघात’’ होगा, जिसने उन्हें पिछली बार विधेयक का समर्थन नहीं करने की प्रेरणा दी थी.
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बीजेपी लाना चाहती है विधेयक
दावा किया जा रहा है कि बीजेपी 131वें संविधान संशोधन विधेयक को वापस लाने की योजना बना रही है, जो अप्रैल 2026 में संसद के पिछले सत्र में पारित नहीं हो सका था. इस विफल विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट सुरक्षित करना बताया गया था, लेकिन इसका असली मकसद निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से परिसीमन और संभवतः सीमाओं में हेरफेर का रास्ता साफ करना था.’
भारत के संविधान में पहले ही 106वें संशोधन अधिनियम के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने का प्रावधान किया जा चुका है. इसलिए, महिलाओं को आरक्षण देने के लिए किसी नए विधेयक को लाने की कोई आवश्यकता पहले भी नहीं थी और अब भी नहीं है.
टीएमसी के बाद अब एनसीपी एसपी को तोड़ने की कोशिश
बता दें कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने के बाद खबरें हैं कि भारतीय जनता पार्टी अब इस विधेयक के नए रूप को पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने के मकसद से एनसीपी (एसपी) और डीएमके को रिझाने में जुटी है. फिलहाल शरद पवार को लेकर बीजेपी साधने के लिए प्रयासरत है.
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