पेलेट गन मामले को लेकर हाल ही में राहुल गांधी के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचने वाले साहिल लोचव से एबीपी न्यूज ने एक्सक्लूसिव बातचीत की. साहिल लोचव ने 20 जुलाई की झड़प के बाद का अपना दर्दनाक अनुभव सुनाया.
साहिल के मुताबिक, उनके शरीर में 150 से ज्यादा छर्रे धंसे हैं, जिनमें कुछ छाती को चीरते हुए दिल के बेहद करीब जाकर रुके. साहिल ने बताया कि अगर छर्रे थोड़ा और अंदर तक चले जाते तो उनकी जान भी जा सकती थी. उनकी आंख के पीछे भी छर्रे हैं और एक छर्रा दिमाग की नस के बेहद करीब बताया गया है.
FIR के लिए कई दिनों तक भटके
22 जुलाई की रात साहिल की सर्जरी हुई. इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए साहिल और उनकी मां कई दिनों तक दर-दर भटकते रहे. साहिल का दावा है कि ऑनलाइन शिकायत, ई-मेल के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की. आखिरकार राहुल गांधी के साथ जब वह बीते दिनों संसद मार्ग थाने पहुंचे, जहां करीब 6 से 7 घंटे के धरना प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की.
साहिल ने यह भी बताया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके समेत किसी भी CJP के पदाधिकारी ने अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है. हालांकि दबी आवाज में साहिल ने ये भी कहा कि उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है और उम्मीद है कि भविष्य में CJP के लोग उनसे संपर्क करेंगे.
कौन हैं साहिल लोचव
बता दें कि साहिल लोचव हरियाणा के रहने वाले हैं. हालांकि उनका परिवार दिल्ली के नजफगढ़ एरिया में रहता है. साहिल के पिता ड्राइवर हैं और साहिल अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं.वो डीयू से स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के स्टूडेंट हैं. साहिल अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एसएससी सीजीएल और पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे हुए थे. उनका सपना पुलिस में भर्ती होकर सेवा करना था.
150 से ज्यादा छर्रे, दिल और दिमाग की नस के करीब जिंदगी और एफआईआर के लिए मां-बेटे का दर-दर भटकना साहिल की कहानी पुलिस और सिस्टम की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
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