शाहरुख खान ने दो फिल्मों में गुरु की भूमिका निभाई है. साल 2000 में आई ‘मोहब्बतें’ में वो उस स्कूल में जाते है, जहां वो अपने पहले प्यार को खो देते है. हालांकि वो सभी को खुलकर जीने की सलाह देते है. वहीं 2007 में रिलीज हुई ‘चक दे! इंडिया’ में वो एक हॉकी टीम को जिताने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते है और अपनी पहचान हासिल करते है.

2007 की ‘तारे जमीन पर’ हो, 2016 की ‘दंगल’ हो या 2025 की ‘सितारे जमीन पर’, आमिर खान ने अपने सभी किरदारों में एक ऐसी सीख दी है, जो कई लोगों के लिए इंस्पिरेशन है. परिवार से दूर छोटे बच्चे को नई जिंदगी देने से लेकर स्पोर्ट्स में हारने के बाद भी खुशी मनाने तक, उन्होंने गुरु के रूप में बेहतरीन काम किया है.

अमिताभ बच्चन ने 2005 की ‘ब्लैक’ में एक ऐसे गुरु का किरदार निभाया था, जिन्होंने अंधी, बहरी और गूंगी लड़की की जिंदगी संवारी. उन्होंने उसे हिम्मत के साथ उम्मीद दी, जिससे वो एक मिसाल बन पाई.

2019 में रिलीज हुई ‘सुपर 30’ में ऋतिक रोशन ने मैथमेटिशियन आनंद कुमार की जिंदगी को पर्दे पर उतारा था. फिल्म में वो गरीबी में होने के बावजूद 30 ऐसे गरीब बच्चों को पढ़ाते है, जिनमें पढ़ने की चाह होती है. साथ ही आईआईटी की तैयारी करवाकर उन्हें नई जिंदगी देते है.

रानी मुखर्जी की ‘हिचकी’ 2018 में रिलीज हुई थी. जिसने कई लोगों को सोचने का एक अलग नजरिया दिया. रानी ने टॉरेट सिंड्रोम से जूझती एक ऐसी टीचर का किरदार निभाया, जिन्होंने कई स्टूडेंट्स को हिम्मत दी और सफल होने में मदद की.

अजय देवगन ने 2024 की ‘मैदान’ में फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम का किरदार निभाया था, जिन्होंने 1950 के समय इंडियन फुटबॉल को नई ऊंचाई पर ले जाने का सपना देखा था. उनके इसी जुनून और कॉन्फिडेंस ने सभी को बहुत प्रभावित किया.
Published at : 29 Jul 2026 05:02 PM (IST)
