उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं. एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयर को लेकर अभी बात नहीं बनती दिख रही है, इसी बीच यूपी में बीजेपी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को 82 सीटों की सूची सौंप दी है.
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हमने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को 82 सीटों की सूची सौंप दी है, हमसे पूछा गया तो हमने बता दिया कि हमने इतने विधानसभा सीटों पर तैयारी कर ली है. इससे पहले सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर ने 35 सीटों पर अपने प्रभारी घोषित किए थे. हालांकि अब ओम प्रकाश राजभर ने 82 सीटों पर अपने दावेदारी पेश की है.
इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कहा ऐसे बयान से बचना चाहिए, खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे. उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो पूर्वांचल में घेरवा लेंगे. वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए ओपी राजभर ने कहा अगर अखिलेश यादव बहुत कोशिश करेंगे तो पूर्वांचल के 125 में उन्हें 6 सीट मिल सकती हैं बाकी सब एनडीए जीतेगी. विधायक अब्बास अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा वह अभी बच्चा है, हम उनके चाचा हैं, सोच समझकर बात करनी चाहिए.
क्यों बढ़ेगी बीजेपी की मुश्किल?
बीजेपी और ओम प्रकाश राजभर की सीट शेयरिंग पर सभी की नजरे रहेंगी. क्योंकि ओम प्रकाश राजभर की पार्टी का वोट पूर्वांचल में है और पूर्वांचल से ही बीजेपी के दो सहयोगी निषाद पार्टी और अपना दल (एस) भी हैं. इसलिए सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी को कैंडिडेट और पूरा समीकरण साधते हुए बात करनी होगी.
बता दें कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा ने समाजावदी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में सुभासपा ने 19 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे लेकिन उसे 6 सीटों पर जीत मिली थी. हालांकि चुनाव के एक साल बाद ही राजभर बीजेपी के साथ आ गए थे.
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