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‘सम्राट चौधरी को जिताइए, हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे’, अमित शाह ने निभाया तारापुर में किया अपना वादा


सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है.  सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के पहले सीएम बने हैं. उनकी ताजपोशी भले आज (15 अप्रैल) को हो रही हो, लेकिन उनको ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 6 महीने पहले ही कर दिया था.

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह तारापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मंच से वादा किया था कि  ‘सम्राट जी को प्रचंड बहुमत से जिताइए, मोदी जी सम्राट जी को बड़ा आदमी बनाएंगे.’ शाह का 6 महीने पहले दिया यह बयान अब हकीकत बन चुका है. मंगलवार को उनको एनडीए विधायकदल का नेता चुना गया और आज (15 अप्रैल) को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर

भले ही सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राजद से की हो, लेकिन भाजपा ने उन्हें सब कुछ दिया जो एक आम राजनीतिक कार्यकर्ता की इच्छा होती है।सम्राट चौधरी अपने बचपन से ही राजनीति को करीब से देखा है. उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार में राजद के बड़े नेता रहे हैं. उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं और माता पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं.

मुंगेर के तारापुर से जीता चुनाव

पिछले विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी भी मुंगेर के तारापुर से विजयी हुए. भाजपा से पहले वे राजद और जदयू में भी रह चुके हैं. सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और 19 मई 1999 को बिहार सरकार में कृषि मंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने 2000 और 2010 में परबत्ता (विधानसभा क्षेत्र) से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए. 2010 में, उन्हें बिहार विधानसभा में विपक्षी दल का मुख्य सचेतक बनाया गया.

बनाई बड़ी सियासी पहचान

वहीं,साल 2018 से उनकी पहचान भाजपा नेता के रूप में है. 2019 में जब नित्यानंद राय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, तो सम्राट चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद भाजपा में वे कद्दावर नेता बने. जब नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़कर राजद के साथ महागठबंधन सरकार बनाई थी, तब सम्राट चौधरी को बड़ी सियासी पहचान मिली. सम्राट चौधरी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने. उन्होंने उस दिन नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद ही मुरैठा (पगड़ी) खोलने की बात कहकर सिर पर मुरैठा बांध ली. साल 2023 में सम्राट चौधरी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने, और इसके बाद जब नीतीश कुमार दोबारा से एनडीए में वापसी की, तो वे उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए.

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