टीवी शो ‘अनुपमा’ फेम एक्टर सुधांशु पांडे ने कई साउथ फिल्मों में काम किया है. अब हाल ही में उन्होंने साउथ और बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर बात की है. उन्होंने दोनों इंडस्ट्री में बड़ा फर्क बताया. उनका कहना है कि साउथ सिनेमा ब्रिलियंट और रियल है. उन्होंने ये भी कहा कि वहां 100 परसेंट पैशन के साथ काम होता है.
बॉलीवुड से क्यों अलग है साउथ सिनेमा?
जाहरा जानी के पॉडकास्ट में सुधांशु पांडे ने साउथ और बॉलीवुड इंडस्ट्री में फर्क बताया. उन्होंने कहा, ‘साउथ रियल और शानदार इंडस्ट्री है. मैं कहूंगा कि वहां करो या मरो जैसा फिल्ममेकिंग जुनून है. वे जो भी करते हैं, उसे 100 परसेंट पैशन के साथ करते हैं. वे फिल्में एक्टर्स के लिए नहीं, बल्कि ऑडियंस के लिए बनाते हैं. यही वजह है कि साउथ इंडियन फिल्मों का सक्सेस रेट इतना ज्यादा है.
साउथ सिनेमा में हैं रियल लोग
उन्होंने आगे कहा, ‘तेलुगु, तमिल, कन्नड़ या मलयालम, हर इंडस्ट्री में फिल्में दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं. इसमें बहुत बड़ा फर्क है. वहां काफी डिसिप्लिन है और लोग बहुत विनम्र हैं. उस इंडस्ट्री में आपको बॉलीवुड की तुलना में कहीं ज्यादा रियल लोग मिलेंगे. हालांकि, अब बॉलीवुड में भी कुछ अच्छा काम देखने को मिल रहा है.’
सुधांशु पांडे का करियर
बता दें, सुधांशु पांडे ने 19 साल की उम्र में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने साल 2000 में बॉलीवुड फिल्म ‘खिलाड़ी 420’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की. वो सिंह इज किंग, मर्डर 2, सिंघम, और रजनीकांत के साथ फिल्म 2.0 जैसी फिल्मों में नजर आए हैं. सुधांशु पांडे ने साल 2012 में तमिल फिल्म ‘बिल्ला II’ से साउथ सिनेमा में कदम रखा. इसके अलावा वो फिल्म मेघामन्न में भी नजर आएं.
टीवी पर सुधांशु पांडे का शो ‘अनुपमा’ में वनराज शाह का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान मिली. वो रियलिटी शो ‘ट्रेटर’ में भी नजर आए थे.
