उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार रोजगार और सरकारी नौकरियां देकर युवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में है. इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 सितंबर, बुधवार को बड़ा ऐलान किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कॉकरोच जनता पार्टी के नेता घूम-घूम कर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार से सवाल कर रहे हैं.
सीएम ने कहा कि हमने कह रखा है कि विधानसभा की चुनाव घोषणा होने के पहले एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाएंगे. और यह कार्य परसों 19 सितंबर से हम करने जा रहे हैं. इसमें से 77 हजार तो केवल यूपी पुलिस और होम गार्ड की भर्ती हो रही है. इससे पहले साढ़े नौ लाख नौजवानों को हमने नौकरी दी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौजवान को बिना भेदभाव नौकरी मिले, यह हमारी कोशिश रहती है. आज ही आपने देखा होगा ,बेसिक,माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के शिक्षकों के नियुक्ति के विज्ञापन जारी हो गए हैं,आज से एप्लिकेशन मांगने प्रारंभ हो गए हैं.
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सैफई सिंडिकेट करता था नौकरियों के लिए वसूली- सीएम
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले क्या स्थिति थी! नौकरी निकलती थी और सैफई सिंडिकेट वसूली के लिए निकल पड़ता था, किसी नौजवान को नौकरी नहीं मिल पाती थी, नहीं मिल पाती थी. सौदेबाजी होती थी, न्यायालय स्टे करता था, नौजवान का जीवन और उसका भविष्य खतरे में पड़ता था.
सीएम ने कहा कि विकास का कार्य नहीं हो पाता था, क्योंकि कानून व्यवस्था इतनी खराब थी कि कोई काम करने को तैयार नहीं, सरकार का कोई विजन नहीं, लूट-खसोट, अराजकता ये इनके दिमागी खुराफात का हिस्सा था. यही कारण था कि प्रदेश के सामने पहचान का संकट हुआ, प्रदेश बीमारू हो गया. अब मैं कह सकता हूँ कि हमारा प्रदेश बीमारू नहीं, भारत की ग्रोथ इंजन का एक महत्वपूर्ण इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है.
