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सुपरपावर…’, BRICS में व्लादिमीर पुतिन की सेल्फी से चिढ़ जाएंगे ट्रंप


इस बार BRICS सम्मेलन में दुनिया की नजर कई बड़े नेताओं पर रही. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा समेत कई देशों के शीर्ष नेता नई दिल्ली पहुंचे. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा. इस AI से तैयार तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई बड़े नेता एक साथ नजर आ रहे हैं. तस्वीर में पुतिन को सेल्फी लेते हुए दिखाया गया है. हालांकि, यह तस्वीर वास्तविक फोटो नहीं बल्कि AI से बनाई गई तस्वीर बताई जा रही है. इसलिए इसे BRICS सम्मेलन के दौरान हुई वास्तविक सेल्फी या आधिकारिक तस्वीर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

तस्वीर असली नहीं होने के बावजूद इसे लेकर सोशल मीडिया पर मैसेज की चर्चा हो रही है. तस्वीर में BRICS के कई प्रभावशाली नेताओं को एक साथ दिखाया गया है, इसलिए इसे समूह की एकजुटता और बढ़ते वैश्विक प्रभाव के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है. कुछ लोगों की राय है कि इस तरह की तस्वीर के जरिए अमेरिका को यह संदेश देने की कोशिश दिखाई देती है कि BRICS देश अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को लेकर स्वतंत्र रुख अपनाना चाहते हैं. हालांकि, यह तस्वीर किसी आधिकारिक BRICS संदेश या अमेरिकी सरकार के लिए जारी किए गए औपचारिक बयान के तौर पर पेश नहीं की गई है.

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अमेरिका और BRICS के बीच बढ़ती खींचतान

BRICS और अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव की चर्चा रही है. रूस और ईरान पर अमेरिका पहले से कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है. वहीं, भारत और चीन के साथ अमेरिकी व्यापार नीति और टैरिफ को लेकर भी मतभेद सामने आते रहे हैं. BRICS के विस्तार के बाद समूह में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की संख्या और वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी बढ़ी है. ऐसे में यह संगठन पश्चिमी देशों के प्रभाव से अलग आर्थिक सहयोग और विकास के विकल्पों पर चर्चा करने वाले मंच के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

क्या BRICS अपनी अलग करेंसी ला रहा है?

BRICS को लेकर एक अहम चर्चा साझा मुद्रा की भी रही है. हालांकि, BRICS देशों ने कोई अलग आधिकारिक साझा करेंसी जारी नहीं की है. समूह में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने, सीमा पार भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने और डॉलर पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होती रही है, इसलिए BRICS की आर्थिक रणनीति को सीधे किसी नई संयुक्त मुद्रा के लॉन्च के रूप में पेश करना सही नहीं होगा. फिलहाल फोकस स्थानीय मुद्राओं और वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था के इस्तेमाल को बढ़ाने पर है.

मोदी ने BRICS को बताया समाधान का मंच

समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने समूह को ऐसा मंच बताया जो वैश्विक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर सकता है. नई दिल्ली में हुए इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के नेताओं के साथ हुई बैठकें भी भारत की सक्रिय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहीं.

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