सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज का उद्देश्य भारत के युवाओं को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ना और उन्हें व्यावहारिक विस्तार योग्य कामों का समाधान निकालने के लिए एक मंच प्रदान करना है. यह पहल विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण के तहत आयोजित की जा रही है, जिसमें नागरिकों और समुदायों को प्रभावित करने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया गया है.

शिक्षा मंत्रालय ने इस पहल को सेवा की भावना को नवाचार के साथ जोड़ने का प्रयास बताया है. जो युवाओं को अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो समाज में प्रभाव पैदा कर सके.

SFIC 2026 की प्रमुख विशेषताओं में एक इसकी 5.4 करोड़ रुपये की कुल पुरस्कार राशि भी है. इस पहल का उद्देश्य ऐसे नए आइडिया को मान्यता देना और युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों को आगे ले जाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो समाज के काम आ सके.

इस योजना के लिए तीन कैटेगरी रखी गयी है. इसमें पहली कैटेगरी जूनियर है, दूसरी टेक्निकल और तीसरी ओपन है. इन तीनों ही कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन खुले हैं. जूनियर कैटेगरी में कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्र भाग ले सकते हैं, जबकि टेक्निकल कैटेगरी में आईटीआई और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए है. वहीं ओपन कैटेगरी ग्रेजुएट छात्रों और हायर एजुकेशन प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए खुली है, जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी भी शामिल है.

इसके अलावा यह प्रतियोगिता पांच राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की जाएगी. भाग लेने वाले राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना है. वहीं भाग लेने वाले केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, पुडुचेरी और अंडमान और निकोबार दीप समूह है.

इस प्रतियोगिता के अनुसार पहली कैटेगरी वालों का प्रथम पुरस्कार 10 लाख रुपये, दूसरे कैटेगरी में दूसरा पुरस्कार 5 लाख और तीसरा पुरस्कार 3 लाख रुपये हैं. सरकार के इस चैलेंज का हिस्सा बनने के लिए उम्मीदवार sevafirst.mic.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
Published at : 16 Oct 2026 08:55 AM (IST)
