कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत के चलते तिहाड़ जेल में बंद हैं. रविवार (18 अक्टूबर) को उनके जेल में 5 दिन पूरे हो रहे हैं. ऐसे में उनकी बेल को लेकर अब ताजा अपडेट सामने आया है. इस बीच सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बड़े आरोप लगाए हैं.
रत्ना सिंह ने एक्स पोस्ट में बताया, “शाम के 4:42 बज रहे हैं, लेकिन एसीपी-एसईएम (ACP-SEM) अभी तक नहीं आए हैं. यह वाकई चिंताजनक है. उन्होंने अब तक अस्पष्ट कारणों से 4 जमानतियों को खारिज कर दिया है. उन्होंने उन लोगों को क्रिमिनल बैकग्राउंड वाला बताकर बदनाम किया है, जिनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एफआईआर दर्ज हैं.” रत्ना सिंह ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय पदानुक्रम का पालन करने को कहता है. लेकिन राजधानी में एसईएम न्यायालय कैसे कार्य कर रहे हैं. यह सत्ता का घोर दुरुपयोग है.”
सुबह 11 बजे से कर रहे हैं इंतजार- रत्ना सिंह
रत्ना सिंह ने बताया, “मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में सुबह 11 बजे से एसईएम के आने का इंतजार कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि दोपहर 12 बजे के लिए सुनवाई निर्धारित थी. उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराना अपराध नहीं है और प्रक्रियात्मक देरी के कारण आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए.”
तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखे गए सीजेपी नेता
सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया है. सौरव दास को जेल नंबर 2, जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है. जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में बुधवार को दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
वहीं, सीजेपी के तीसरे सदस्य अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. तीनों सीजेपी सदस्यों को जंतर-मंतर पर प्रवेश करने के आरोप में एहतियातन हिरासत में लिया गया था. फिलहाल सीजेपी नेताओं की बेल को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है. सीजेपी फिलहाल इंतजार कर रही है.
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