1877 में एल नीनो से 2 करोड़ मौतें और फसलें बर्बाद! 140 साल बाद कैसे दोहराएगा इतिहास, क्या गर्मी से बचने का कोई रास्ता नहीं?
साल 1877… भारत पर ब्रिटिश हुकूमत थी और बंबई प्रेसीडेंसी की गलियों में मौत का सन्नाटा पसरा हुआ था. तापमान इतना बढ़ गया था कि जमीन फट रही थी. अनाज के दाने सोने के दाम पर मिल रहे थे. ब्रिटिश लाइब्रेरी में संभालकर रखे हुई फेमाइन दस्तावेज बताते हैं कि 1877 में अकेले बंबई प्रेसीडेंसी…
