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30 जिंदा वोटर्स के नाम हटाने के लिए जमा किया फॉर्म 7, बीजेपी के BLA के खिलाफ केस


तेलंगाना में वोटर लिस्ट से मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने की साज़िश के आरोपों को बल देने वाली एक अहम घटना में हैदराबाद पुलिस ने मुशीराबाद निर्वाचन क्षेत्र में तीस वोटरों के नाम हटाने के लिए कथित तौर पर फ़ॉर्म 7 आवेदन भरने पर BJP के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

 

आरोपी की पहचान बालाचंदर के तौर पर हुई है, जो मुशीराबाद में पोलिंग बूथ नंबर 201 से जुड़ा है. अधिकारियों के अनुसार, BLA ने उन वोटरों के नाम हटाने के लिए फ़ॉर्म 7 आवेदन जमा किए जिनसे उसका कोई संबंध नहीं था, जिसके बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जांच शुरू की.

 

जिंदा वोटर्स के नाम हटाने की साजिश
रिपोर्टों के अनुसार, आवेदन मिलने पर चुनाव अधिकारियों ने फ़ॉर्म में उल्लिखित वोटरों की स्थिति की पुष्टि की. उन्होंने पाया कि सभी वोटर ज़िंदा थे और स्थानीय रूप से रह रहे थे, जिससे बड़ी संख्या में आवेदन जमा करने के पीछे के मकसद पर संदेह पैदा हुआ. इसके बाद अधिकारियों ने BJP BLA के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया. इस घटना ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें कांग्रेस, BRS और AIMIM सहित विपक्षी दलों ने वोटर लिस्ट से असली वोटरों के नाम हटाने की कथित साज़िश में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

 

फ़ॉर्म 7 का कथित दुरुपयोग
यह मामला तेलंगाना में फ़ॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है. इससे पहले, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने BJP पर मुशीराबाद, बहादुरपुरा और गोशामहल निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने के लिए पहले से छपे और पहले से भरे हुए फ़ॉर्म 7 आवेदन जमा करने का आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि मुशीराबाद में एक BJP BLA ने सौ से ज़्यादा वोटरों को निशाना बनाते हुए आवेदन जमा किए थे और गोशामहल में एक BLA ने BLO को लगभग पंद्रह पहले से छपे फ़ॉर्म जमा करने की कोशिश की थी, लेकिन BLO ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया क्योंकि उनमें आवेदकों के हस्ताक्षर नहीं थे. 

 

TPCC ने भी दर्ज कराई शिकायत

TPCC ने भी हैदराबाद पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई और मामले की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की. पुलिस ने BJP के BLA के खिलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की आगे जांच कर रही है. चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इन आरोपों को गंभीरता से ले रहा है और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगा. BJP ने आरोपों से इनकार किया है और कांग्रेस तथा AIMIM पर फर्जी वोटरों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. SIR और मुस्लिम वोटरों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि नवंबर में अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जानी है. जांच जारी रहने के कारण और जानकारी का इंतजार है.



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