केरलम में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करना कांग्रेस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, लेकिन यही शानदार जीत अब राजस्थान कांग्रेस के लिए एक नया ‘सिरदर्द’ बन गई है. दरअसल, केरलम में पार्टी की जीत के पीछे ‘सीनियर ऑब्जर्वर’ बनाकर भेजे गए सचिन पायलट (Sachin Pilot) की मेहनत को अहम माना जा रहा है.
अब इसी ‘सियासी जादूगरी’ के दम पर पायलट गुट ने राजस्थान में एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है, जिससे पूर्व सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) खेमे की नींद उड़ गई है.
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पायलट समर्थक की बड़ी मांग
राजस्थान कांग्रेस लंबे समय से गहलोत और पायलट गुट में बंटी रही है. वर्तमान में राज्य के संगठन पर गहलोत खेमे का दबदबा है, लेकिन केरलम की जीत के बाद पायलट समर्थकों ने नई हुंकार भर दी है. सचिन पायलट के बेहद करीबी और टोंक में उनके प्रतिनिधि के तौर पर काम करने वाले तेज-तर्रार नेता महेंद्र सिंह ने खुलकर मांग की है कि पायलट को राजस्थान में संगठन की कमान सौंपी जाए.
समर्थकों का दावा है कि अगर पायलट को अगले विधानसभा चुनाव में ‘मुख्यमंत्री का चेहरा’ (CM Face) घोषित किया जाता है, तो वे केरलम की तरह राजस्थान में भी पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे. सोशल मीडिया पर भी इस मांग को लेकर जमकर अभियान चलाया जा रहा है.
गहलोत के ‘उस’ बयान से गरमाई थी सियासत
यह मांग ऐसे समय में उठी है, जब पिछले ही हफ्ते पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पायलट को लेकर एक बड़ा बयान दिया था. गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा था, “मुझे उम्मीद है कि पायलट अब कभी कांग्रेस से अलग होने की नहीं सोचेंगे. पिछली बार के विवाद के बाद वह समझ भी चुके हैं और संभल भी चुके हैं. अब वह ‘दोनों टांगों’ से यानी पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं.” गहलोत का यह बयान सियासी गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना था.
बीजेपी का तंज
कांग्रेस की इस अंदरूनी गुटबाजी में अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी एंट्री मार ली है. जयपुर के आदर्श नगर से बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवि नैयर ने कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रखते हुए बड़ा तंज कसा है. उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस ने राहुल गांधी की जगह पार्टी की कमान सचिन पायलट को सौंप दी होती, तो आज उसकी यह दुर्गति नहीं होती.” बीजेपी नेता ने पायलट की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उनके साथ ‘सौतेला व्यवहार’ किया है. अगर उन्होंने केरलम में पार्टी को जीत दिलाई है, तो उन्हें इसका ईनाम भी मिलना चाहिए.
आपस में ही उलझी है कांग्रेस
मौजूदा हालात देखकर साफ कहा जा सकता है कि राजस्थान में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस फिलहाल बीजेपी सरकार पर हमलावर होने के बजाय, आपस में ही एक-दूसरे की ‘टांग-खिंचाई’ में लगी हुई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हाईकमान पायलट समर्थकों की इस मांग पर क्या फैसला लेता है, या फिर पार्टी के नेता ऐसे ही आपस में जूझते नजर आएंगे.
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