इन दिनों वेब सीरीज बनाना भी कुछ लोगों के लिए जैसे मैगी बनाने जैसा हो गया है, गैंग्सटर डाल दो, ड्रग्स डाल दो, गालियां डाल दो, पुलिस के कमजोर ऑफिसर डाल दो और थोड़ा सा अलग फ्लेवर देना है तो रैपर डाल दो, बस लीजिए हो गया फिर से आपको बेवकूफ बनाने का इंतजाम. एक ही कहानी को ये लोग इतनी बार दिखा रहे हैं कि अब ओटीटी भी बकवास लगने लगा है. वो दिन दूर नहीं जब लोग ओटीटी का सब्सिक्रप्शन भी लेना बंद कर देंगे, क्योंकि ओटीटी को अब डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है. इस सीरीज को भी प्राइम वीडियो पर डंप ही किया गया है.
कहानी
पंजाब के दो रैपर हैं बदनाम और ओजी, दोनों की आपस में लड़ाई है. जैसे बादशाह और हनी सिंह की, यहां हनी सिंह का कमबैक वाला डायलॉग भी इस्तेमाल किया गया है, और ये दोनों ही ड्रग्स का बिजनेस करते हैं. पुलिस एक के साथ है तो एक के पीछे. एक लव एंगल भी है, बस और क्या, और कहानी है ही नहीं जो बताई जाए.
कैसी है ये सीरीज
ये सीरीज बुरी नहीं है, लेकिन इसमें कुछ नया नहीं है. ये सब हम बहुत बार देख चुके हैं, आपको लगता है कि ये सब इससे बेहतर तरीके से हम कई बार देख चुके हैं, तो ये क्यों देखें? प्राइम वीडियो पर इस सीरीज के 8 एपिसोड हैं, लगभग 30-35 मिनट का एक एपिसोड है, एक्टर लगभग सारे अच्छे हैं, लेकिन एक्टर क्या करेंगे जब कंटेंट में ही दम नहीं होगा, और एक्टर्स तो काम करेंगे ही, उन्हें नहीं पता कि सीरीज में बाकी के एक्टर्स का क्या रोल है. उनके कितने सीन रखे जाएंगे, कितने काटे जाएंगे, फाइनल प्रॉडक्ट कैसा बनेगा? ये सीरीज पंजाब और ड्रग्स की वही कहानी दिखाती है जो हम बहुत बार देख चुके हैं और इससे बेहतर तरीके से देख चुके हैं, यहां किसी भी किरदार की कहानी से आप गहराई से कनेक्ट नहीं हो पाते, आपको किसी पर तरस नहीं आता, आपको ड्रग्स की वजह से परेशान किरदारों पर तरस नहीं आता. पुलिस के आला अफसर को इस तरह से कमजोर दिखाना और गुंडों के लिए इस तरह से काम करते दिखाना भी अजीब लगता है. क्रिएटिव लिबर्टी में आप पुलिस की इमेज को इतना खराब कैसे कर सकते हैं. रैप ठीक ठाक हैं, आपको ऐसा लगता है कि ये उड़ता पंजाब का सस्ता वर्जन है, और ये भी लगता है कि ये सब कहानियां बार बार क्यों बनाई जा रही हैं, क्यों कुछ नया नहीं बनाया जा रहा? क्यों हमारे ओटीटी के सब्सिक्रिप्शन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है?
एक्टिंग
किंग को इस सीरीज से लॉन्च किया गया है, और वही इस सीरीज की सबसे कमजोर कड़ी हैं. वो सिगिंग से एक्टिंग में आए हैं लेकिन तैयारी के साथ नहीं, वो एक ही एक्सप्रेशन रखते हैं और उन्हें ये समझना होगा कि ये काम सिर्फ सलमान खान कर पाए हैं. किंग को अभी एक्टिंग में काफी मेहनत करनी होगी. असल में ये सीरीज राशि खन्ना की है, उन्होंने पुलिसवाली के किरदार में जान डाल दी है और क्या कमाल पंजाबी बोली है, वो पंजाब की ही लगती हैं, और अपनी एक्टिंग से दिल जीत ले जाती है. पलक तिवारी ने काफी इम्प्रेस किया है , वो इस किरदार को पूरी तरह जस्टिफाई करती हैं और ये उम्मीद जगाती हैं कि उनमें एक शानदार एक्ट्रेस छिपी हुई है. लक्ष्यवीर सरन ने काफी अच्छा काम किया है. शिवांकित सिंह परिवार ने रैपर के किरदार में जान डाल दी है, वो असली रैपर लगे हैं, कृतिका भारद्वाज ने बढ़िया काम किया है , वो भी काफी प्रोमिसिंग लगी हैं. योगराज सिंह बढ़िया है, उन्हें देखकर आपको यही लगेगा कि यहां भी वो युवराज सिंह को ट्रेनिंग ही दे रहे हैं. आयशा रजा मिश्रा के मुंह से गालियां सुनकर मजा आता है, वो इस किरदार में जमी हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन
देबोजीत दास और अग्रिम जोशी ने कहानी लिखी है और हिमांक गौर ने डायरेक्ट की है. राइटिंग में कुछ नया नहीं है, गालियां डाल देना ही नयापन नहीं होता, डायरेक्शन ठीक ठाक है.
कुल मिलाकर इस सीरीज में कुछ नया नहीं है, फिर भी टाइमपास के लिए देख सकते हैं.
रेटिंग – 2 स्टार्स
