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क्या शराब पीकर IPL में खेल सकता है कोई खिलाड़ी? जानें इसे लेकर क्या है नियम


इंडियन प्रीमियर लीग का संचालन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा किया जाता है. इस लीग में समय-समय पर नए विवाद सामने आते रहते हैं और जब भी किसी खिलाड़ी को नियमों का उल्लंघन करते देखा जाता है, ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. पिछले दिनों ई-सिगरेट पीने की घटनाओं ने सबका ध्यान खींचा है, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी शराब पीकर मैदान में खेलने उतर आए, तब उसपर क्या एक्शन लिया जाएगा?

सबसे पहले जान लीजिए कि कोई खिलाड़ी शराब पीकर या फिर किसी प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन करके मैदान पर आ भी सकता है या नहीं. भारत की नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) करीब से खिलाड़ियों पर नजर रखती है और BCCI वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों का पालन करता है. यह जरूरी नहीं कि IPL में प्रत्येक मैच से पहले खिलाड़ियों का ड्रग टेस्ट हो, लेकिन NADA और WADA दिन के किसी भी समय अचानक खिलाड़ी को नोटिस भेज सकते हैं. इस नोटिस के जवाब में खिलाड़ी को तय समय पर उस जगह उपस्थित रहना होता है, जहां आने के लिए उसको आदेश दिया गया.

टेस्ट के लिए यूरीन (मूत्र) सैंपल, ब्लड या फिर लार के माध्यम से भी किसी तरह के ड्रग्स या शराब के सेवन की जांच की जा सकती है. प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन को लेकर BCCI बहुत सख्त है, इसलिए खिलाड़ी मैदान पर शराब पीकर उतरने से पहले 10 बार जरूर सोचता होगा.

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फिर भी यदि कोई खिलाड़ी शराब का सेवन करके मैदान पर उतर आता है, तो उसे कौन सी सजा मिलेगी. शराब या किसी ड्रग्स का सेवन करके मैदान पर आने की हरकत को बीसीसीआई की आचार संहिता के आर्टिकल 2.21 के तहत ‘खेल को बदनाम’ करने की कोशिश माना जाएगा. ऐसी हरकत के लिए खिलाड़ी की मैच फीस में कटौती या फिर डिमेरिट पॉइंट भी दिया जा सकता है. साथ ही उसे चेतावनी भी दी जा सकती है.

चूंकि ऐसी हरकतों पर NADA और WADA की भी पैनी नजर बनी रहती है, जो उस खिलाड़ी पर कुछ सप्ताह से लेकर कुछ महीनों या फिर कई साल का बैन भी लगा सकता है. अगर खिलाड़ी बार-बार शराब के नशे में पाया जाता है तो उसे एंटी-डोपिंग नियमों के तहत आजीवन प्रतिबंध भी झेलना पड़ सकता है.

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