देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें (Petrol-Diesel Price Hike) रुकने का नाम नहीं ले रहीं. सोमवार सुबह ही पेट्रोल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल पर क्रमशः 2.61 रुपए और 2.71 रुपए बढ़ा दिए हैं. ये बीते दस दिन चौथी बार वृद्धि है. जिसके बाद केंद्र की मोदी सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई है.
आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा , “प्यारे देशवासियों मोदी जी के लिए आप मात्र एक वोट हैं. चुनाव ख़त्म ज़रूरत ख़त्म.वैसे अंधभक्त तो 200 रू तक पेट्रोल ख़रीदने को तैयार हैं.”
उधर दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी पेट्रोल की कीमतों को लेकर लिखा, “रहम कीजिए मोदी जी, आप रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल महंगा कर रहे हो, सैलरी किसी की बढ़ नहीं रही, नौकरी बची रहे यही ग़नीमत है! व्यापार सबके चौपट पड़े हैं आपके राज में. आप रोज़ाना तेल के दाम बढ़ा देते हो, इसके बाद दूध सब्ज़ी रोटी जैसी चीज़े रोज़ाना अपने आप महंगी हो जाती है. कहाँ से लायें इतना पैसा ? कुछ साल पहले का अपना ये वीडियो देखिए, ये आप ही थे ना? मैं आशा करूंगा कि प्रधानमंत्री जी देश की स्थिति को गंभीरता से लें और पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं, उसको वापस लें.”
10 दिनों में 7 रुपए से ज्यादा बढ़े पेट्रोल-डीजल पर दाम
यहां बता दें कि पेट्रोल-डीजल पर दाम 15 मई से लगातार बढ़ रहे हैं, अब तक चार बार दामों में इजाफा हो चुका है. 15 मई को पेट्रोल-डीजल पर तीन रुपए बढे थे, अभी 23 मई को 87 व 91 पैसे, जिस कारण पेट्रोल और डीजल के दाम दिल्ली समेत लगभग सभी राज्यों में 100 रूपए के पार जा चुका है. लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम इस तरह बढ़ने से आम आदमी के लिए झटका है. क्यूंकि रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो रहीं हैं.
विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा
वैश्विक परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार के सामने चुनौती बढ़ गई है. जबकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार की आर्थिक और विदेश नीति में फेलियर के कारण देश की जनता पर बोझ पड़ रहा है. फ़िलहाल जिस तरह पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी जारी है, उससे आने वाले समय में दिक्कतें बढेंगी.
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