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Mahabharat: भीष्म पितामह की प्रतिज्ञा: पिता के प्रेम में देवव्रत ने क्यों छोड़ा सिंहासन और लिया आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत?


एक बार राजा शांतनु यमुना नदी के समीप वन में गए. वहां उन्होंने मल्लाह की एक देवकन्या को देखा. उसका रूप अत्यंत सुंदर और आकर्षक था. राजा उसे देखते ही मोहित हो गए और उसके पास जाकर बोले कि तुम कौन हो? किसकी पुत्री हो? क्या तुम मेरी रानी बनोगी? उस कन्या का नाम सत्यवती था.

राजा शांतनु सत्यवती के पिता के पास पहुंचे और विवाह का प्रस्ताव रखा. मल्लाह ने सम्मानपूर्वक कहा कि उसे विवाह से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन उसकी एक शर्त है. सत्यवती से जन्म लेने वाला पुत्र ही हस्तिनापुर का राजा बने. यह सुनकर राजा शांतनु धर्म और पुत्र प्रेम के कारण गहरे चिंतन में पड़ गए.

राजा शांतनु सत्यवती के पिता के पास पहुंचे और विवाह का प्रस्ताव रखा. मल्लाह ने सम्मानपूर्वक कहा कि उसे विवाह से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन उसकी एक शर्त है. सत्यवती से जन्म लेने वाला पुत्र ही हस्तिनापुर का राजा बने. यह सुनकर राजा शांतनु धर्म और पुत्र प्रेम के कारण गहरे चिंतन में पड़ गए.

Published at : 25 May 2026 06:00 AM (IST)

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