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Explained: 487 मर्दों के बाद गिनती छोड़ी, यूरिन पिलाया और पब्लिक टॉयलेट चटवाया… लेटिशिया के साथ हैवानियत की सस्ती सजा क्यों?


‘मैंने 487 मर्दों के बाद गिनती छोड़ दी… और इनमें से कुछ के साथ तो मुझे 10-10 बार सोना पड़ा. उसने मुझसे अपना यूरिन पिलवाया, पब्लिक टॉयलेट चटवाए.’

ये शब्द 42 साल की लेटिशिया आर. के हैं, जो पिछले हफ्ते फ्रांस की एक अदालत में खड़ी थीं. हाथ कांप रहे थे, आंखें डबडबाई हुई थीं, लेकिन आवाज में एक अजीब सी ताकत थी. सामने कटघरे में खड़ा था उसका एक्स-पार्टनर गियोम बूची. वही शख्स जिसने सात साल तक उसे जिंदा जलाया, ब्लेड से गोदा, सिगरेट से दागा और सैकड़ों अजनबियों के हवाले कर दिया. जब लेटिशिया ने अदालत में आपबीती बताई, तो पूरे कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया. 487 कोई आंकड़ा नहीं, एक औरत के टूटने की आखिरी गिनती थी…

‘उसने मुझसे कहा कि तुम मेरी गुलाम हो’

फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, आज से करीब 11 साल पहले लेटिशिया की मुलाकात गियोम बूची से हुई थी. बूची एक बड़े बैंक में मैनेजर था, पढ़ा-लिखा, रुतबेदार, देखने में सभ्य. शुरुआत में सब अच्छा लगा, लेकिन जल्द ही बूची ने उसे अपने मुताबिक ढालना शुरू कर दिया. लेटिशिया ने कोर्ट को बताया, ‘उसने मुझसे कहा कि तुम मेरी गुलाम हो. मैं तुम्हारा मालिक हूं. जो कहूंगा, वही करना पड़ेगा.’

शुरुआत BDSM के नाम पर हुई- हल्की-फुल्की पिटाई, हाथ-पैर बांधना. लेटिशिया को लगा कि बस यही तक है. लेटिशिया ने खुद कहा, ‘उसने वादा किया था कि अगर मुझे अच्छा नहीं लगेगा तो हम बंद कर देंगे.’ लेकिन बूची ने वो वादा कभी नहीं निभाया. उल्टा, उसकी बर्बरता दिन-ब-दिन बढ़ती ही गई.

 

लेटिशिया की जिंदगी का एक-एक पहलू बूचर के कब्जे में था

‘हर दस दिन में सिर्फ एक रात पूरी नींद, अंडरवियर नहीं पहनने दी’

स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बूची ने लेटिशिया की जिंदगी का एक-एक पहलू अपने कब्जे में ले लिया. उसने तय कर दिया कि लेटिशिया कब जागेगी, कब सोएगी और क्या पहनेगी. उसे अंडरवियर तक पहनने की इजाजत नहीं थी. बाथरूम जाने के लिए भी परमिशन लेनी पड़ती थी. सबसे दरिंदगी भरी बात- ‘हर दस दिन में उसे सिर्फ एक रात पूरी नींद लेने दी जाती थी.’ बाकी रातें या तो टॉर्चर में गुजरतीं या अजनबियों के साथ.

कई बार तो बूची ने जानबूझकर उसे बाथरूम नहीं जाने दिया, ताकि वो खुद पर काबू न रख पाए. लेटिशिया ने बताया कि उसे वहीं गीला करना पड़ता था और बूची ये सब देखकर खुश होता था. सुनने में भी ये जितना घिनौना लग रहा है, लेटिशिया के लिए ये सात साल की रोज की जिंदगी थी.

‘उसने मेरी पीठ पर चाकू और ब्लेड से काटा’

फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, बूची की बर्बरता सिर्फ मानसिक नहीं थी. लेटिशिया के शरीर पर आज भी उसके जुल्मों के निशान मौजूद हैं. उसने अदालत को बताया कि बूची उसे बेल्ट, कटिंग बोर्ड और बिजली की केबल से बुरी तरह पीटता था. उसने कहा, ‘उसने मेरी पीठ पर चाकू और ब्लेड से काटा. खून बहता रहता था, लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था.’

इतना ही नहीं, बूची ने अपनी सुलगती हुई सिगरेट से उसके शरीर को बार-बार दागा. जब लेटिशिया दर्द से चीखती, तो बूची उसे और पीटता. उसने सैकड़ों व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस रिकॉर्डिंग में लेटिशिया को साफ धमकी दी- ‘अगर तूने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं तुझे जान से मार दूंगा.’ लेटिशिया ने कोर्ट में कहा, ‘मुझे पूरा यकीन था कि अगर मैंने मना किया तो वो सच में मुझे मार देगा.’

 

लेटिशिया ने कोर्ट में कहा कि बूचर उन्हें जान से मार देता
लेटिशिया ने कोर्ट में कहा कि बूचर उन्हें जान से मार देता

‘बेटी को जन्म देने के अगले दिन ही ट्रक ड्राइवर के पास भेज दिया’

2017 की बात है. लेटिशिया ने अभी-अभी अपनी बेटी को जन्म दिया था. वो अस्पताल से घर लौटी थी, गोद में नन्ही बच्ची थी और शरीर डिलीवरी के दर्द से टूट रहा था. लेकिन बूची जैसे इंसान के लिए इन चीजों का कोई मतलब नहीं था. अस्पताल से छुट्टी मिलने के ठीक अगले दिन, उसने लेटिशिया को एक ट्रक ड्राइवर के साथ सेक्स करने पर मजबूर कर दिया.

स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में जब ये बात सामने आई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं. लेटिशिया ने उस दिन को याद करते हुए कहा, ‘मैं महसूस कर रही थी जैसे मैं अंदर-अंदर मर रही हूं. हर बार जब मुझ पर कुछ थोपा गया, मेरा एक हिस्सा हमेशा के लिए टूट गया.’

‘सिर्फ रेप नहीं अपना यूरिन पिलवाया, पब्लिक टॉयलेट चटवाए’

द टेलीग्राफ के मुताबिक, बूची ने लेटिशिया के साथ जो किया, उसे सिर्फ ‘रेप’ या ‘टॉर्चर’ कहना भी कम होगा. लेटिशिया ने बताया कि बूची ने उससे अपना यूरिन पिलवाया और पब्लिक टॉयलेट तक चटवाए.’ उसने कहा, ‘ये सेक्स नहीं था- ये भयानक हिंसा थी. वो मुझे इंसान से जानवर बनाना चाहता था.’

यहीं पर ये केस पेलिकॉट केस से अलग हो जाता है. गिजेल पेलिकॉट के पति ने उसे नशीली दवा देकर बेहोश कर दिया था और फिर रेप करवाया. गिजेल को कुछ पता नहीं चलता था. लेकिन बूची ने लेटिशिया को जानबूझकर पूरी तरह होश में रखा ताकि उसे हर पल का एहसास हो कि उसके साथ क्या हो रहा है. यही इस केस को और भी जघन्य बनाता है.

ऑनलाइन बेची गई लेटिशिया- ‘दोस्तों, सहकर्मियों और अजनबियों के साथ’

बूची ने लेटिशिया को सिर्फ अपनी हवस का शिकार नहीं बनाया, बल्कि उसे ऑनलाइन ‘बेचना’ भी शुरू कर दिया. वो अलग-अलग वेबसाइट्स और फोरम पर जाता, अजनबियों से बात करता और फिर उन्हें लेटिशिया के पास भेज देता. लेटिशिया ने कोर्ट को बताया, ‘उसने मुझे अपने दोस्तों, ऑफिस के सहकर्मियों और पूरी तरह अजनबियों के साथ सोने पर मजबूर किया.’

बूची ने उसे एक डायरी बनाने का आदेश दिया था, जिसमें हर उस शख्स का नाम और डिटेल लिखनी होती थी जिसके साथ वो सोई. लेटिशिया ने वो डायरी बनाई और जब गिनती 487 तक पहुंची, तो उसने हार मान ली. उसने कहा, ‘इनमें से कुछ के साथ तो मुझे 10-10 बार सोना पड़ा.’ और जो लोग आते थे, उनमें से कोई एक भी ये नहीं समझ पाया या समझना नहीं चाहता था कि ये औरत अपनी मर्जी से नहीं, किसी के डर से ये सब कर रही है.

‘डर और शर्म अब पाला बदलेंगी’- गिजेल पेलिकॉट की छाप

ये केस आज दुनिया की सुर्खियों में है, तो इसकी एक बड़ी वजह हैं गिजेल पेलिकॉट. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, 72 साल की गिजेल ने फ्रांस में वो किया जो पहले किसी ने नहीं किया. उसने अपने सामूहिक बलात्कार केस की सुनवाई खुली अदालत में करवाई. उसका नारा था, ‘शर्म उन्हें आनी चाहिए, मुझे नहीं.’ दिसंबर 2024 में उसके पति को 20 साल की सजा मिली और गिजेल एक फेमिनिस्ट आइकॉन बनकर उभरी.

लेटिशिया ने कोर्ट में खुद माना कि गिजेल की हिम्मत ने ही उसे चुप्पी तोड़ने की ताकत दी. बूची ने कोर्ट से गुजारिश की थी कि मुकदमा बंद कमरे में चलाया जाए, ताकि बाहर की दुनिया को पता न चले, लेकिन लेटिशिया ने साफ मना कर दिया. उसके वकील फिलिप-हेनरी होनेगर ने कहा, ‘लेटिशिया का मानना है कि डर और शर्म को अब पाला बदलना चाहिए. इतने सालों तक चुप रहने के बाद, वो अब और नहीं चुप रहना चाहती.’

‘मुझे नहीं लगा कि मैं उसे चोट पहुंचा रहा हूं’- बूची की घिनौनी सफाई

फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बूची को गवाही देनी पड़ी, तो उसने गला घोंटने, जलाने और जानवरों के साथ संबंध बनवाने तक की बात कबूल कर ली. लेकिन उसकी सफाई सुनकर हर कोई हैरान रह गया. उसने कहा, ‘ये सब हमारी आपसी सहमति से किए गए यौन खेल थे… मुझे नहीं लगा कि मैं उसे चोट पहुंचा रहा हूं.’

तभी अभियोजन पक्ष ने बूची के व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस रिकॉर्डिंग कोर्ट के सामने रख दिए. उन मैसेज में बूची लेटिशिया को साफ-साफ कह रहा था- ‘अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो मैं तुझे जान से मार दूंगा.’ इतना ही नहीं, एक रिकॉर्डिंग में बूची खुद अपनी आवाज में कह रहा है, ‘मुझे मालूम है कि उसने मुझे सिर्फ इसलिए ना नहीं कहा क्योंकि मैंने उसे डरा रखा था.’

ये सबूत सामने आने के बाद बूची की सारी दलीलें धरी की धरी रह गईं. कोर्ट ने उसे रेप, टॉर्चर और जबरन देह व्यापार (प्रोक्योरमेंट) का दोषी करार दिया. अभियोजन पक्ष ने उम्रकैद की मांग की और ये भी कहा कि बूची के बाहर रहने पर ‘दूसरी महिलाओं के लिए गंभीर खतरा’ बना रहेगा.

 

लेटिशिया का मानना है कि डर और शर्म को अब पाला बदलना चाहिए.
लेटिशिया का मानना है कि डर और शर्म को अब पाला बदलना चाहिए.

इतना बड़ा जुर्म और सजा इतनी ‘सस्ती’ क्यों?

द टाइम्स के मुताबिक, अदालत ने बूची को 25 साल कैद की सजा सुनाई, साथ ही आदेश दिया कि कम से कम दो-तिहाई (16-17 साल) सजा वो जेल में ही काटेगा. इसकी वजह फ्रांस का कानून है. वहां एग्रावेटेड रेप (गंभीर श्रेणी का बलात्कार) की अधिकतम सजा 20 साल है. अगर पीड़िता स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए, तो 30 साल तक हो सकती है. आजीवन कारावास सिर्फ तभी मिलता है जब पीड़िता की मौत हो जाए.

लेटिशिया आज गंभीर रूप से दिव्यांग है. उसने खुद कहा, ‘आज मैं इनकॉन्टिनेंट (मल-मूत्र पर कंट्रोल न रख पाने वाली) हूं, दिव्यांग हूं’. लेकिन उसकी मौत नहीं हुई, इसलिए जज के हाथ कानूनी तौर पर बंधे हुए थे.

एक और कानूनी पेंच है कि फ्रांस में ‘नॉन-क्यूमुलेशन ऑफ सेंटेंसेज’ का सिद्धांत लागू होता है. मतलब, अगर एक शख्स ने कई अपराध किए हैं, तो सिर्फ सबसे गंभीर अपराध की सजा दी जाती है, सारी सजाएं जोड़ी नहीं जातीं.

‘मेरा एक हिस्सा हमेशा के लिए टूट गया’

चार बच्चों की मां लेटिशिया आज जिंदा तो है, लेकिन उसकी जिंदगी पहले जैसी नहीं रही. शरीर पर जख्मों के निशान हैं, अंदर कुछ ऐसा टूटा है जो शायद कभी नहीं जुड़ पाएगा. 51 साल का बूची जब 25 साल बाद जेल से निकलेगा, तो 76 साल का होगा. लेकिन पैरोल के चलते वो 16-17 साल बाद भी बाहर आ सकता है. यही वो सच्चाई है जो लोगों को सबसे ज्यादा खटकती है कि इतनी बर्बरता करने वाला इंसान एक दिन फिर से खुले आसमान के नीचे होगा.



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