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महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के बयान पर भड़के जमीयत के सदस्य, ‘आपके त्यौहारों में क्या…’


महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे पर जमीतय उलेमा-ए-हिंद के सदस्य मौलाना ऐजाज कश्मीरी ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमें नितेश राणे से हमारा मजहब सीखने की जरूरत नहीं है. वो अपने धर्म को फॉलो करें, वो अपने धर्म के गुरु, पंडित और संतों से सीखें. हमें नितेश राणे या ऐसे किसी आदमी से जिसका इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है, उससे इस्लाम सीखने की जरूरत नहीं है.

‘किसी के मजहब में दखलअंदाजी नहीं करते’

मौलाना ऐजाज ने आगे कहा, “हम मुसलमान किसी के मजहब में दखलअंदाजी नहीं करते. हम किसी को ये गाइड नहीं करते कि तुम अपना त्यौहार किस तरह मनाओ. आपके त्यौहारों में क्या होता है, किस तरह मनाते हैं, हमें कोई लेना देना नहीं है. नितेश राणे या उनकी तरह कोई और भी हो जिनको दिमागी इलाज की जरूरत है, जो ऐसे बयान देते हैं जिससे फितना-फसाद हो, ऐसे लोगों को पहले मंत्री नहीं बनाना चाहिए.”

‘मंत्री ऐसा शख्स होना चाहिए जो जेहनी तौर पर सही हो’

महाराष्ट्र के मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने ये भी कहा, “मंत्री ऐसा शख्स होना चाहिए जो जेहनी तौर पर सही हो, जो मुल्क और शहर के लिए अमन की बात करे. उनसे हमें दीन सीखने की जरूरत नहीं है. हमारा मजहब हमें सिखा रहा है और हमारा कानून, हमारे मुल्क का दस्तूर हमें जो हक दे रहा है, हम उस पर अमल करते थे और करते रहेंगे.”

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नितेश राणे ने ‘वर्चुअल कुर्बानी’ वाला दिया था बयान

दरअसल, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा था कि जैसे ‘ड्राई होली’ मनाने और दिवाली पर पटाखे न चलाने की सलाह दी जाती है, वैसे ही ‘वर्चुअल बकरीद’ मनाने की सलाह दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग कंप्यूटर पर बकरे की तस्वीर लगाकर उसकी ‘वर्चुअल कुर्बानी’ दिखा सकते हैं. 

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