डेविड धवन की फिल्मों का एक खास टेम्पलेट होता है, एक खास स्टाइल होता है, उनमें एक खास तरह का एंटरटेनमेंट होता है, ये फिल्म वैसी ही फिल्म है, जहां दिमाग को फ्रिज में रखना है और 2 घंटे तक मस्त टाइम पास करना है. डेविड धवन न तो राजामौली जैसी फिल्म बना सकते हैं और न वांगा जैसी और न वो दोनों डेविड धवन जैसी, तो उस फिल्म से वही उम्मीद रखिए जो डेविड धवन की फिल्म से की जानी चाहिए.
कहानी
जस और बानी यानि वरुण और मृणाल शादीशुदा हैं, जस को बच्चा चाहिए और बानी को तलाक. दोनों का मामला कोर्ट जाता है और दोनों अलग हो जाते हैं लेकिन अभी तलाक़ नहीं होता. फिर जस की मुलाक़ात होती है प्रीत यानि पूजा हेगड़े से जिसका भाई जिमी शेरगिल दबंग है. फिर कुछ ऐसा होता है कि बानी और प्रीत दोनों प्रेग्नेंट हो जाती हैं. अब क्या होगा, ये देखने थिएटर चले जाइए अगर आपको कॉमेडी ऑफ एरर्स पसंद हैं तो.
कैसी है फिल्म
ये फिल्म वैसी ही है जैसी डेविड धवन की फिल्में होती हैं,बिना दिमाग लगाए एंजॉय करने वाली, फिल्म में अच्छी कॉमेडी है. लंदन की अच्छी लोकेशंस हैं, अच्छे अच्छे कॉस्ट्यूम पहने एक्टर्स हैं, अच्छा म्यूजिक है. फिल्म करीब 2 घंटे 10 मिनट की है तो खींचती नहीं है. ऐसी फिल्मों का एक खास दर्शक हमेशा से रहा है, जो फिल्मों से अच्छा टाइम पास करना चाहता है. ये फिल्म उन्हीं दर्शकों के लिए बनाई गई है. टीजर काफी खराब था , लेकिन ट्रेलर से डेविड धवन ने बताया वो क्या करने वाले हैं और उन्होंने वही किया है. तो अगर इस फिल्म का ट्रेलर आपको अच्छा लगा तो देख लीजिए. ये स्नैकर फिल्म है , तो यहां कुछ ऐसी उम्मीद मत ले जाएगा कि आपको कुछ ऐसा दिख जाएगा जो सिनेमा में नहीं दिखा. ये एक टिपिकल डेविड धवन फिल्म है, यही सोचकर जाएंगे तो मजा आएगा. फर्स्ट हाफ में कहानी बिल्ड होती है,सेकेंड हॉफ में जब जस की दोनों पत्नियों के बीच को कन्फ्यूजन वाले सीन आते हैं तो बहुत मजा आता है. सेकेंड हाफ थोड़ा छोटा किया जा सकता था और ऐसा होता तो फिल्म और pacy होती. सपोर्टिंग कास्ट ने फिल्म को काफी एंटरटेनिंग बनाया है.
एक्टिंग
वरुण धवन ने अच्छा काम किया है, उनके कॉमिक पंच मजेदार लगते हैं, वो देखने में भी काफी हैंडसम और फिट लगे हैं. मृणाल ठाकुर का काम ठीक है, पूजा हेगड़े ने अच्छा काम किया है. मनीष पॉल मजेदार हैं. जिमी शेरगिल बढ़िया लगते हैं. उनके साथ बने राजेश कुमार का काम अच्छा है राकेश बेदी मजेदार लगते हैं. मौनी रॉय का किरदार शॉकिंग और मजेदार है. चंकी पांडे बढ़िया हैं. आयशा रजा मिश्रा अच्छी लगी हैं. बाकी के सारे एक्टर्स भी अपना काम अच्छे से करते हैं. कई कैरेक्टर ओवर द टॉप हैं लेकिन उनका किरदार वैसे ही मजेदार लगता है.
राइटिंग
युनूस सजावल ने कहानी लिखी है, राइटिंग ठीक है, कॉमिक पंच और डाले जा सकते थे. डेविड धवन का डायरेक्शन बढ़िया है, उनका सिग्नेचर स्टाइल नज़र आता है.
कुल मिलाकर डेविड धवन की फिल्में पसंद हैं तो देखिए
रेटिंग – 3.5 स्टार्स
