Headlines

‘ऑपरेशन सिंदूर पर संसद को किया गुमराह’, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस, कांग्रेस-BJP भिड़े


ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सियासी विवाद और तेज हो गया है. कांग्रेस ने उन पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि रक्षा मंत्री ने पहले कहा था कि ऑपरेशन के दौरान कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ, जबकि बाद में आधिकारिक जानकारी में छह सैन्यकर्मियों के शहीद होने की पुष्टि हुई. वहीं रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि मंत्री के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया.

राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस की मांग

कांग्रेस सांसद और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ने देश की जनता और सदन से झूठ बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि यह संसद को गुमराह करने वाला स्पष्ट और सीधा झूठ था.

‘नो कैजुअल्टी’ बयान पर उठाए सवाल

कांग्रेस का कहना है कि जुलाई 2025 में रक्षा मंत्री ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ. लेकिन एक साल बाद खुद भारतीय सशस्त्र बलों ने बताया कि इस अभियान में पांच सेना के जवान और एक वायुसेना कर्मी सहित कुल छह सैन्यकर्मी शहीद हुए थे. के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इन छह शहीदों के परिवारों और पूरे भारतीय सशस्त्र बलों का यह गंभीर अपमान है कि देश की जनता को उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान की जानकारी नहीं दी गई.

ये भी पढ़ें: केंद्रीय सचिवों के साथ पीएम मोदी की चली 4 घंटे मैराथन बैठक, जानें सभी विभागों के साथ क्या हुई चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

कांग्रेस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की है. केरल के अलाप्पुझा से सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. उन्होंने अपने पत्र में 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा का उल्लेख किया है. पत्र में कहा गया है कि रक्षा मंत्री ने सदन में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्यूटी निभाते हुए कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ.

आधिकारिक बयान का हवाला

के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि हाल ही में जारी आधिकारिक बयान में पांच भारतीय सेना के जवानों और एक वायुसेना कर्मी के शहीद होने की जानकारी सामने आई है. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि लोकसभा में दिया गया बयान भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत था. कांग्रेस नेता ने कहा कि सदन को गुमराह करना या जानकारी छिपाना संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना माना जाता है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया.

युद्ध स्मारक पर जोड़े गए छह शहीदों के नाम

यह मांग ऐसे समय आई है, जब हाल ही में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए. सरकार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इन शहीद सैनिकों की पहचान उजागर की.

रक्षा मंत्रालय ने दावों को बताया भ्रामक

विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को भ्रामक बताया. मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री के भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने यह नहीं कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ. मंत्रालय का कहना है कि उनका बयान उस गलत दावे का जवाब था, जिसमें कहा जा रहा था कि भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *