जयपुर में बुधवार (1 जुलाई) को घुमंतू और अर्ध घुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद माहौल अचानक हिंसक हो गया. महापंचायत खत्म होने के बाद हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने लगे. रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई. देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कई जगह पथराव की घटनाएं हुईं.
पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने शहर में कई जगह बैरिकेडिंग कर रखी थी. जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया.
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और फिर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए.
कई लोगों को हिरासत में लिया गया
हंगामे और हिंसा के बाद पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. करीब एक घंटे तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस अब घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर रही है. उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
दरअसल, राजस्थान की घुमंतू और अर्ध घुमंतू जातियां लंबे समय से शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण की मांग कर रही हैं. इसी मांग को लेकर जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत आयोजित की गई थी. इसमें पूरे राजस्थान से 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.
महापंचायत के दौरान नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द आरक्षण लागू करने की मांग उठाई. एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए भी भेजा गया था.
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हालांकि, शाम करीब 6 बजे महापंचायत समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का फैसला किया. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और हालात हिंसक हो गए. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
