दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने इंटरस्टेट लग्जरी कार चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में अलीपुर थाने का एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है.
पुलिस ने इनके कब्जे से 11 चोरी की लग्जरी गाड़ियां, एक चोरी का ऑटो, 50 इलेक्ट्रॉनिक डुप्लीकेट चाबियां और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई हाईटेक उपकरण बरामद किए हैं.
बिना शीशा और लॉक तोड़े मिनटों में कर देते थे कार गायब
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले दिल्ली की पॉश कॉलोनियों में घूमकर महंगी एसयूवी और लग्जरी कारों की रेकी करते थे. इसके बाद रात के समय इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और सॉफ्टवेयर की मदद से कार की स्मार्ट चाबी तैयार कर लेते थे. हैरानी की बात यह है कि आरोपी बिना शीशा तोड़े और बिना लॉक तोड़े कुछ ही मिनटों में कार लेकर फरार हो जाते थे.
गुरुग्राम के पीजी से चल रहा था पूरा नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना कुलदीप सिंह उर्फ लक्की पिछले करीब दो साल से गुरुग्राम के एक पीजी में रहकर पूरे गैंग का संचालन कर रहा था. वहीं बलविंदर उर्फ बिंदा दिन में कॉलोनियों में घूमकर चोरी के लिए गाड़ियों की रेकी करता था, जबकि रात में बाकी साथी वारदात को अंजाम देते थे.
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चोरी की गाड़ियां बेचते या काटकर पुर्जे कर देते थे अलग
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी की गई लग्जरी गाड़ियों को दूसरे राज्यों में मौजूद रिसीवरों के जरिए बेच दिया जाता था. जिन गाड़ियों को बेचना मुश्किल होता था. उन्हें काटकर इंजन, गियर बॉक्स, ईसीयू, अलॉय व्हील, हेडलाइट, बोनट, दरवाजे और अन्य महंगे पुर्जे ग्रे मार्केट में अलग-अलग बेच दिए जाते थे.
आरोपी ऑटो में घूमते थे ताकि किसी को न हो शक
पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात के दौरान चोरी के ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करते थे, जिससे किसी को उन पर शक न हो. पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क पहनते थे और गाड़ियों में लगे जीपीएस ट्रैकर से बचने के लिए जीपीएस डिटेक्टर का इस्तेमाल करते थे.
पुलिस को हाईटेक सामान का जखीरा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 चोरी की लग्जरी गाड़ियां, एक चोरी का ऑटो, 50 इलेक्ट्रॉनिक डुप्लीकेट चाबियां, कंप्यूटरीकृत की-कटिंग मशीन, की-प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर वाला कंप्यूटर सिस्टम, टैबलेट, जीपीएस डिटेक्टर, फर्जी नंबर प्लेट, ड्रिल मशीन, फेस मास्क समेत कई हाईटेक उपकरण बरामद किए हैं.
सरगना पर पहले से 25 केस दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना कुलदीप सिंह उर्फ लक्की अलीपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं. बलविंदर उर्फ बिंदा पर 15 और बख्शीश सिंह उर्फ मन्नी पर 8 केस दर्ज हैं. वहीं दीपक उर्फ देव चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने का काम करता था. उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.
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