Hindu Temples in Indonesia: पीएम नरेंद्र मोदी फिलहाल इंडोनेशिया के दौरे पर हैं. वहीं इंडोनेशिया के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई जरूरी समझौते हुए. भारत इंडोनेशिया के बीच जकार्ता में 20 समझौते हुए, जिनमें सबसे अहम ब्रह्मोस की डील रही. इसे लेकर पिछले काफी समय से दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी.
पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे के साथ ही इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते फिर एक बार सुर्खियों में आ गए हैं. इसके अलावा भारत इंडोनेशिया के प्राचीन शिव मंदिर के संरक्षण और जीर्णोध्दार में भी सहयोग करेगा. इसके बाद यह सवाल भी उठने लगे कि इंडोनेशिया दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देशों में शामिल है, लेकिन वहां पर इतने हिंदू मंदिर कैसे हैं और वहां हिंदू संस्कृति आज भी किसी रूप में जीवित है.
इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश, लेकिन यहां हजारों मंदिर मौजूद
इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में शामिल है. यहां करीब 87 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, जबकि इस देश में हिंदू, बौद्ध और दूसरे धर्म के अनुयायी भी बड़ी संख्या में रहते हैं. धार्मिक विविधता के लिए पहचाने जाने वाले इस देश में 10,000 से ज्यादा मंदिर मौजूद है, जो इसकी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है. इन मंदिरों में हिंदू, बौद्ध और स्थानीय परंपराओं से जुड़े धार्मिक स्थल शामिल है. खास तौर पर बाली द्वीप आज भी हिंदू संस्कृति और परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में प्राचीन मंदिर स्थित है.
प्रम्बानन मंदिर है, दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित प्रम्बानन मंदिर देश का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, इसका निर्माण 9वीं शताब्दी में हुआ था. करीब 47 मीटर ऊंचा मुख्य शिव मंदिर इस पूरे परिसर का सबसे प्रमुख आकर्षण है. प्रम्बानन केवल शिव मंदिर नहीं, बल्कि यह त्रिमूर्ति भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित मंदिर है. पूरे परिसर में लगभग 250 मंदिर बने हुए. मंदिरों की दीवारों पर रामायण की कथाओं को बहुत सुंदर ढंग से पत्थरों पर उकेरा गया है, जो उस समय की कला और स्थापत्य कला का उत्कर्ष उदाहरण मानी जाती है.
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भारत से कैसे इंडोनेशिया पहुंची हिंदू संस्कृति?
इतिहासकारों के अनुसार हिंदू धर्म इंडोनेशिया में किसी सैन्य अभियान के जरिए नहीं, बल्कि समुद्री व्यापार के माध्यम से पहुंचा. पहली शताब्दी के आसपास दक्षिण भारत के व्यापारी मसाले, कपड़े और दूसरी वस्तुओं का व्यापार करने इंडोनेशिया पहुंचने लगे. उनके साथ भारतीय संस्कृती, भाषा, धार्मिक परंपरा और मंदिर निर्माण की कला भी वहां पहुंची. धीरे-धीरे स्थानीय शासको ने भारतीय संस्कृति को अपनाया इसके बाद भारत से ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने धार्मिक परंपराओं और पूजा पद्धतियों का प्रसार किया. इसी दौर में रामायण, महाभारत, शिव, विष्णु और ब्रह्मा की उपासना वहां लोकप्रिय हुई.
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