यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा है. रविवार (19 जुलाई) को सोशल मीडिया पर भोजपुरी में किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि सपा में परिवारवाद का ठप्पा हटाने के लिए ‘सफाई अभियान’ चलाने की चर्चा है.
‘घर-परिवार में सब ठीक-ठाक है न?’
राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत व्यंग्यात्मक अंदाज में की. उन्होंने लिखा, ”का हो अखिलेश भइया, घर-परिवार में सब ठीक-ठाक चलत ह न?” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उन्हें सुनने में आ रहा है कि इस बार अखिलेश यादव परिवारवाद की छवि से बाहर निकलने के लिए पार्टी में ‘सफाई अभियान’ चलाने की तैयारी कर रहे हैं.
‘क्या सबसे पहले चाचा का टिकट कटेगा?’
राजभर ने लिखा कि समाजवादी पार्टी में सबसे ज्यादा टिकट के दावेदार तो खुद अखिलेश यादव के परिवार के लोग हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर टिकट किस-किस का काटा जाएगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ”चर्चा है कि इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले चाचा शिवपाल यादव का टिकट काटकर की जाएगी.”
उन्होंने आगे लिखा, ”शिवपाल यादव उम्रदराज नेता हैं और उन्होंने अखिलेश यादव को गोद में खिलाया है. ऐसे में बुढ़ापे में उन्हें ‘गच्चा’ देना ठीक नहीं होगा. आखिर अखिलेश अपने चाचा की नाराजगी और ‘श्राप’ क्यों लेना चाहते हैं.”
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शिवपाल और आदित्य यादव का भी किया जिक्र
सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ने अपने पोस्ट में शिवपाल यादव और उनके बेटे आदित्य यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा, ”शिवपाल यादव ने अलग पार्टी बनाकर अपनी और अपने बेटे की राजनीतिक राह बनाई थी, लेकिन बाद में अखिलेश यादव ही उन्हें वापस समाजवादी पार्टी में लेकर आए. सभी जानते हैं कि शिवपाल यादव और आदित्य यादव के प्रति अखिलेश यादव के मन में कितना प्रेम है.”
‘पूरे परिवार का टिकट काट दीजिए’
पोस्ट के आखिर में राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए लिखा, ”अगर वास्तव में परिवारवाद का आरोप हटाना है तो एक साथ पूरे परिवार का टिकट काटकर उन्हें घर बैठा देना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि इस बार वैसे भी परिवार के सभी विधायक और सांसद ‘भूतपूर्व’ होने वाले हैं. सैफई वालों की सफाई करके कर्मठ सपाइयों को मौका दीजिए महाराज.”
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ओमप्रकाश राजभर लगातार सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हमलावर हैं. इससे पहले वह PDA, जातीय हिंसा, कानून-व्यवस्था और समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर भी लगातार सवाल उठाते रहे हैं.
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