दिल्ली सरकार की प्रस्तावित दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन वे इसमें से सिर्फ 1,000 रुपये ही तुरंत निकाल सकेंगी. बाकी 1,500 रुपये अनिवार्य रूप से आवर्ती जमा (आरडी) खाते में जमा किए जाएंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.
अधिकारी ने बताया कि आरडी खाते में जमा होने वाली राशि पर 3 साल की ‘लॉक-इन’ अवधि रहेगी. इसके बाद जमा पूरी रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. अधिकारी के मुताबिक, बचत की यह व्यवस्था महिलाओं को भविष्य में आर्थिक पहलू पर खुद को सुरक्षित करने में मदद देने के उद्देश्य से की गई है.
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कैबिनेट और एलजी की मंजूरी अभी बाकी
अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस योजना के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलना बाकी है. पहले इस योजना का नाम महिला समृद्धि योजना था, जिसे अब दिल्ली लक्ष्मी योजना के नाम से जाना जाएगा. दिल्ली की भाजपा सरकार ने हाल ही में इसके पात्रता मानदंड को अंतिम रूप दिया है.
अधिकारी के अनुसार, योजना के प्रस्ताव को पहले मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा और फिर उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी होगी.
उन्होंने बताया कि सरकार रक्षाबंधन के आसपास इस योजना को शुरू करने की दिशा में काम कर रही है और संभव है कि प्रस्ताव मंत्रिमंडल की अगली बैठक में पेश किया जाए.
ऑनलाइन पोर्टल तैयार, ये होंगे पात्रता के नियम
अधिकारियों ने बताया कि योजना के कार्यान्वयन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है. प्रस्तावित पात्रता मानदंड के मुताबिक, आवेदन करने वाली महिला को एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि वह कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.
पात्रता साबित करने के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और परिवार के सदस्यों से जुड़े दस्तावेज भी जमा करने होंगे.
योजना के तहत प्रत्येक परिवार की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की केवल एक महिला ही पात्र होगी. यदि किसी परिवार में एक से अधिक महिलाएं पात्र पाई जाती हैं तो सबसे अधिक उम्र वाली महिला को ही मासिक सहायता राशि मिलेगी.
अधिकारी के अनुसार, जिन आवेदकों के परिवार के किसी सदस्य का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें योजना के लिए अयोग्य माना जाएगा. परिवार की कुल वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक महिला पेंशनभोगी नहीं होनी चाहिए.
वहीं सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता और चार पहिया वाहन रखने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी. अधिकारियों के मुताबिक, योजना के क्रियान्वयन के लिए करीब 5,110 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.
