Headlines

Evening Rules: शाम के समय घर में भूलकर भी न करें ये 5 काम, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी हो सकती हैं नाराज


Evening Rules: सनातन धर्म में सुबह और शाम दोनों समय को विशेष महत्व दिया गया है. खासकर सूर्यास्त के बाद का समय पूजा, दीपक जलाने और सकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है.

कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय कुछ ऐसे कार्य हैं, जिन्हें करने से बचने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.

ध्यान रखें कि ये बातें धर्म शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना गया है.

ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार, संध्या का समय सकारात्मक ऊर्जा और देवी-देवताओं की आराधना का समय माना गया है. इसलिए इस समय घर का वातावरण शांत, स्वच्छ और श्रद्धापूर्ण रखना शुभ माना जाता है.

सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचें

धार्मिक मान्यता है कि शाम के समय झाड़ू लगाने से घर की सुख-समृद्धि बाहर चली जाती है. यदि किसी कारण सफाई करनी भी पड़े, तो इसे केवल स्वच्छता के उद्देश्य से करें, न कि धार्मिक नियम मानकर.

घर में अंधेरा न रहने दें

संध्या होते ही घर के मुख्य द्वार, पूजा घर और प्रमुख स्थानों पर दीपक या रोशनी करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अंधेरा नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है.

कलह और ऊंची आवाज से बचें

धर्म शास्त्र में शाम के समय घर में झगड़ा, क्रोध और अपशब्द बोलने से बचने की सलाह दी गई है. मान्यता है कि शांत वातावरण सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है.

तुलसी के पौधे का अनादर न करें

संध्या के समय तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है. वहीं कई परंपराओं में इस समय तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचने की सलाह दी जाती है.

पूजा का समय न छोड़ें

यदि संभव हो तो शाम के समय भगवान की आरती, दीपक और मंत्र जाप अवश्य करें. धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है.

क्या सच में मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं?

धार्मिक ग्रंथों में इन नियमों का उद्देश्य व्यक्ति को अनुशासित, स्वच्छ और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देना माना जाता है. इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि निश्चित परिणाम देने वाले नियम के रूप में.

यह भी पढ़े- Chaturmas 2026: 120 दिन का चातुर्मास शुरू, कई साल बाद बना ऐसा संयोग; 25 जुलाई से बदल जाएंगे ये धार्मिक नियम

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *