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संसद सत्र से निलंबित होने पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, बोले – ‘ये सभी गद्दार…’


टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को एक महिला सदस्य के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने पर बुधवार (22 जुलाई) को मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया. इस एक्शन के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

अपने निलंबन पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, ‘मुझे यहां से निलंबित करके उन्हें क्या मिलेगा?. यह तो मुश्किल से बीस लोगों की पार्टी है. उन्होंने (टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने) डेढ़ महीने बाद कोलकाता में बैठक की. उनके पास बीस मतदाता भी नहीं हैं. उनके पास कुछ भी नहीं है. पश्चिम बंगाल में एक भी व्यक्ति ने उन्हें वोट नहीं दिया है. ये सभी गद्दार और बेईमान लोग हैं. सरकार एक साल बाद गिर जाएगी.’

NCPI ने लगाए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप

टीएमसी से टूटकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत दी थी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. दावा है कि कल्याण बनर्जी ने सांसदों के साथ बहस की थी. इस बहस में एनसीपीआई की एक महिला सांसद भी शामिल थीं. हालांकि, इस टकराव की वजह सामने नहीं आई.

यह बहस सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हुई थी. घटना के बाद एनसीपीआई के सदस्यों ने लोकसभा स्पीकर से उनके चैंबर में मुलाकात की और कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत सौंपी।दोपहर दो बजे सदन की फिर से कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने बताया कि कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है. इस संबंध में लोकसभा स्पीकर को लिखित शिकायत मिली है.

संसदीय मंत्री मेघवाल ने पेश किया प्रस्ताव

पीठाधीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी के अनुरोध पर केंद्रीय संसदीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा से मौजूदा मानसून सत्र के बाकी समय के लिए सस्पेंड करने का प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने दोहराते हुए कहा, कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार किया है. उन्हें सत्र की शेष अवधि के लिए सभा की सेवा से निलंबित किया जाए.

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सस्पेंशन के बाद विपक्ष का हंगामा

इसके बाद लोकसभा ने बुधवार को ध्वनि मत से कल्याण बनर्जी को शेष मानसून सत्र की अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया. बाद में पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कल्याण बनर्जी को तुरंत संसद परिसर छोड़ने का निर्देश दिया. कल्याण बनर्जी के खिलाफ सस्पेंशन से जुड़ी कार्यवाही पूरी होने के बाद विपक्ष का हंगामा और बढ़ गया. इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.

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