Headlines

पाकिस्तान या भारत, कहां के शिक्षा मंत्री हैं सबसे ज्यादा पढ़े लिखे? यहां जानिए उनकी योग्यता


देश में नीट पेपर लीक की घटना को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इसको लेकर लगातार विरोध जारी है. अब संपूर्ण विपक्षी दल के एक सुर में केंद्रीय मंत्री से पद छोड़ने का दबाव बना रहे हैं. इस पूरे विवाद और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के शिक्षा मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यताओं की बात कर लेते हैं.

भारत के शिक्षा मंत्री और उनकी डिग्री

भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है. ओडिशा के अंगुलजिले के तालचर शहर आने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने वर्ष 1990 में भुवनेश्वर स्थित प्रतिष्ठित उत्कल यूनिवर्सिटी से एंथ्रोपोलॉजी (मानव विज्ञान) में एमए (मास्टर ऑफ आर्ट्स) की उपाधि प्राप्त की थी. उससे पहले उन्होंने तालचर कॉलेज से अपनी स्नातक स्तर की डिग्री पूरी की थी. उन्होंने 2024 के आम चुनाव के दौरान दाखिल अपने चुनावी शपथपत्र में अपनी इस शैक्षणिक योग्यता का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया था.

छात्र राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर

धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचर में हुआ था. उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों से ही सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया था. अपने छात्र जीवन के दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और तालचर कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. इसके बाद वह लगातार छात्र और युवा आंदोलनों का नेतृत्व करते हुए भारतीय जनता पार्टी की मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हुए. संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभालने के बाद वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे.

यह भी पढ़ें: Sonam Wangchuk Hunger Strike: क्या अनशन करने वाले पर दर्ज हो सकता है आत्महत्या की कोशिश का केस, क्या हैं नियम?

पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री और उनकी योग्यता

पड़ोसी देश पाकिस्तान के संघीय शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्री डॉ. खालिद मकबूल सिद्दीकी हैं. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई है. डॉ. खालिद मकबूल ने साल 1989 में कराची के प्रसिद्ध सिंध मेडिकल कॉलेज (जो अब जिन्ना सिंध मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है) से एमबीबीएस की मेडिकल डिग्री हासिल की थी. कराची के अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हुए और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए.

दोनों देश के शिक्षा मंत्रियों में कौन ज्यादा पढ़ा-लिखा?

अगर दोनों देशों के शिक्षा मंत्रियों की डिग्रियों और पढ़ाई के क्षेत्र की सीधी तुलना की जाए, तो जहां भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पास मानव विज्ञान में मास्टर विज्ञान में मास्टर डिग्री है, वहीं पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री डॉ. खालिद मकबूल सिद्दीकी एक पेशेवर मेडिकल ग्रेजुएट हैं. दोनों नेताओं ने 1980 के दशक से उत्तरार्ध में अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और छात्र राजनीति के माध्यम से ही अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. 

यह भी पढ़ें: भारत के अलावा पाकिस्तान में भी हो चुके सीजेपी जैसे प्रोटेस्ट, जानिए किन मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे छात्र?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *