नीट पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में विपक्ष ने गुरुवार को केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया. नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बस से हाथ में संविधान की प्रति लेकर गांधी स्मृति पहुंचे. उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.
गांधी स्मृति पहुंचकर राहुल गांधी ने कहा, “यहीं हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या हुई थी. आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है. छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है और उन्हें पीटा जा रहा है. विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा. हम छात्रों के साथ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर देश से माफी मांगनी चाहिए.”
सरकार पर दमन का आरोप
प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हम अपने ही देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. बच्चों को पीटा जा रहा है. छात्र सिर्फ न्याय मांग रहे हैं, लेकिन उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है. अपने अधिकार मांग रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना पूरी तरह गलत है.”
इससे पहले राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं की अहम रणनीतिक बैठक हुई. बैठक में नीट पेपर लीक, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और संसद के भीतर तथा बाहर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई. बैठक के बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता गांधी स्मृति पहुंचे.
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद संजय यादव, सुधाकर सिंह और मीसा भारती, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सौगत राय, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पी. संतोष कुमार, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन तथा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के ई.टी. मोहम्मद बशीर सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए.
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक वरिष्ठ नेता के निधन के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके.
राहुल के घर विपक्षी नेताओं की बैठक
राहुल गांधी के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और आने-जाने वालों पर नजर रखी गई. विपक्षी नेताओं को गांधी स्मृति ले जाने के लिए राहुल गांधी के आवास, 5 सुनहरी बाग, पर तीन बसों की व्यवस्था की गई थी. एहतियात के तौर पर राजघाट और आसपास के क्षेत्रों में भी दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई.
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा है कि वार्ता किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए. पार्टी ने 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का भी ऐलान किया है. नीट पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष का यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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