कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया गया. ये हैंडल समन्वित तरीके से फर्जी खबरें और दुष्प्रचार फैला रहे थे. दिल्ली पुलिस की अपील है कि छात्र और युवा ऐसे विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से सावधान रहें. पुलिस ने कहा, ‘अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें, केवल आधिकारिक सोर्स से जानकारी लें. किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ पोस्ट को बिना सत्यापन शेयर न करें’
जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा बंद
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में 12 बजे रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दीं.इस नये आदेश में दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि तक बढ़ा दी गई. आदेश में कहा गया कि यह कदम जन सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी सार्वजनिक आपात स्थिति को टालने के लिए उठाया गया है. मंत्रालय 17 जुलाई से अब तक इस क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के लिए ऐसे पांच आदेश जारी कर चुका है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराते हुए गुरुवार (23 जुलाई 2026) को कहा कि पेपर लीक के मामलों में कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई है. नीट पेपर लीक को लेकर युवाओं के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है.
480 Pakistan-based social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified and blocked.
Delhi Police appeals to students and youth to be wary of such foreign accounts spreading rumours to mislead the situation.@LtGovDelhi #DPUpdates pic.twitter.com/SXzwXosDGr
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 23, 2026
फास्ट ट्रैक कोर्ट को लेकर सीजेपी का रिएक्शन
सीजेपी के आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह लगभग डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शनों के बाद आई और बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे के मुख्य सवाल का जवाब नहीं दिया. रांका ने कहा, ‘अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया है. शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वह भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है.’
