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कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?


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  • जोशी उपभोक्ता, खाद्य एवं नवीन ऊर्जा मंत्रालय भी संभालते हैं।

नीट परीक्षा पेपर लीक और कई छात्रों की आत्महत्या को लेकर छात्रों और युवाओं के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ते हुए पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार भी कर लिया है.

इसके साथ ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय कैबिनेट में शामिल मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है. प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं. इसके साथ ही, वे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग यानी न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के भी केंद्रीय मंत्री हैं और अब पीएम मोदी ने उन्हें अपनी सरकार में शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंप दी है.

लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव वाले प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संगठन से लेकर केंद्र सरकार तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे मोदी सरकार में अब तक कई अहम मंत्रालयों का कमान संभाल चुके हैं.

कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें पीएम मोदी ने सौंपा बड़ा जिम्मा?

प्रह्लाद जोशी का जन्म कर्नाटक के विजयपुरा में 27 नवंबर, 1962 को एक साधारण परिवार में हुआ था. एक सामान्य घर में पले-बढ़े प्रह्लाद जोशी अपने छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे और सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहे. जनहित के मुद्दों पर प्रह्लाद की रूचि बचपन से बनी हुई है. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कर्नाटक यूनिवर्सिटी के धारवाड़ से संबद्ध केएस आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की है. वहीं, अपनी ग्रैजुएशन की पढ़ाई के दौरान भी जोशी ने सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय भूमिका निभाई है.

संगठन से लेकर सरकार तक संभाली अहम जिम्मेदारियां

प्रह्लाद जोशी ने साल 1995 से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने साल 1995 से 1998 तक कर्नाटक के धारवाड़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 1998 से 2003 तक वे में धारवाड़ भाजपा के जिला महासचिव की भूमिका में रहे. इसके बाद प्रह्लाद जोशी ने धारवाड़ से भाजपा की टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा, जिसमें वे कांग्रेस उम्मीदवार बीएस पाटिल को पछाड़कर पहली बार लोकसभा के पटल पर पहुंचे. उन्होंने लगातार पांच बार धारवाड़ संसदीय सीट से चुनाव जीता है.

मोदी सरकार में संभाली कई मंत्रालयों की कमान

हालांकि, साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सरकार बनने के बाद 30 मई, 2019 को प्रह्लाद जोशी को पहली बार कैबिनेट में जगह मिली और उन्हें संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई. वे मोदी सरकार में कोयला मंत्री भी रहे और इसके बाद वर्तमान में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में प्रह्लाद जोशी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. 

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