Headlines

दक्षिणी राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सियासत तेज, BJP ने विपक्ष पर लगाया ये बड़ा आरोप


राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले दक्षिणी राजस्थान की राजनीति गरमाने लगी है. डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में भाजपा की अहम बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन किया गया. वहीं छात्र आंदोलन और दल-बदल के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्ष को निशाने पर लिया गया. बैठक के बाद नेताओं के बयानों से साफ है कि चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने लगा है.

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र स्थित भाजपा कार्यालय में रविवार (26 जुलाई) को आयोजित बैठक में आगामी पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक रणनीति बनाई गई. बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.

छात्रों के साथ धोखा हुआ- कनकमल कटारा

पूर्व सांसद कनकमल कटारा ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, ”छात्रों की वास्तविक मांगों को दरकिनार कर कुछ राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास किया. छात्रों के साथ धोखा हुआ है और उनके मुद्दों को भटकाया गया है.”

बीजेपी कार्यकर्ताओं के पाला बदलने पर क्या बोले सागवाड़ा MLA?

सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा ने पाड़वा और पादरा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि केवल दो भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस में गए हैं, जबकि बाकी लोग पहले से ही कांग्रेस से जुड़े थे और उन्हें भाजपा छोड़ने का प्रचार कर भ्रम फैलाया गया.

सरकार ने स्टूडेंट के हित में अहम फैसले लिए- चुन्नीलाल गरासिया

राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. सरकार ने स्टूडेंट के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और आगे भी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.”

बैठक में नगर अध्यक्ष यशवंत गवारिया, केपी सिंह चिखली, नरेंद्र गोवाड़िया, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश पाटीदार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा की इस बैठक को चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. वहीं, दक्षिणी राजस्थान में अब चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता नजर आ रहा है.

‘इस्तीफा समाधान नहीं, पूरे नेटवर्क की जांच हो’, NEET पेपर लीक पर राजकुमार रोत ने सरकार को घेरा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *