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अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी घाटी में भारतीय सेना ने मनाया कारगिल विजय दिवस, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि


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  • भारतीय सेना ने सुबनसिरी घाटी में कारगिल विजय दिवस मनाया।
  • सैनिकों, छात्रों ने शहीदों को पुष्पांजलि देकर श्रद्धांजलि दी।
  • अधिकारियों ने शहीदों के बलिदान को प्रेरणा बताकर संकल्प लिया।
  • फिल्म प्रदर्शन, खेल गतिविधियों ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम जगाया।

भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स के अंतर्गत आने वाली स्पीयरहेड डिवीजन ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी घाटी में कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया. इस मौके पर सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद किया.

कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पचक्र अर्पण (व्रीथ लेइंग) समारोह से हुई, जहां सेना के अधिकारियों और जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए. पूरे समारोह के दौरान देशभक्ति और सम्मान का वातावरण बना रहा और उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को नमन किया.

कारगिल वीरों का बलिदान आज भी जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत- अधिकारी

सभा के दौरान सेना के अधिकारियों ने ऑपरेशन विजय की ऐतिहासिक सफलता और कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की तरफ से प्रदर्शित अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान आज भी भारतीय सेना के प्रत्येक जवान के लिए प्रेरणा का स्रोत है और देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प हमेशा सर्वोपरि रहेगा.

कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध पर आधारित एक विशेष फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की वीरता, संघर्ष और विजय की गौरवगाथा को दिखाया गया. इस फिल्म के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से प्रेरित करने का प्रयास किया गया.

समारोह के दौरान खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित

कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सामुदायिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनमें सेना के जवानों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इन आयोजनों का उद्देश्य सेना और स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सहयोग, विश्वास और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करना था. 

सेना के अधिकारियों और जवानों ने समारोह में लिया संकल्प

समारोह के दौरान सेना के सभी अधिकारियों और जवानों ने राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा.

कार्यक्रम का समापन शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि के साथ हुआ. भारतीय सेना ने इस अवसर पर एक बार फिर स्पष्ट किया कि देश की सीमाओं की सुरक्षा, राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा और कारगिल के वीरों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाना उसका सर्वोच्च दायित्व है. सेना ने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान हमारी प्रेरणा है और उनका साहस हमारी अमूल्य विरासत है. 

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