Headlines

प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, कहा- यह सपना सच होने जैसा


भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता हुआ सितारा मिल गया है. महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपनी बल्लेबाजी से ऐसा असर छोड़ा कि क्रिकेट जगत उनके नाम की चर्चा करने लगा. तीसरे टी20 मुकाबले में 49 गेंदों पर शानदार 81 रन बनाने के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरी सीरीज में 151 रन बनाकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी अपने नाम कर लिया. मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में वैभव की खुशी साफ झलक रही थी. उन्होंने कहा, ‘बहुत अच्छा लग रहा है. यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है. पहली बार प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज बना हूं.’ इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह सफलता उनके लिए बेहद खास रही.

टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय

युवा बल्लेबाज ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कोचिंग स्टाफ और कप्तान श्रेयस अय्यर को दिया. वैभव ने बताया कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बिना दबाव के अपना स्वाभाविक टी20 खेल खेलने की पूरी आजादी दी. उन्होंने कहा, ‘कोच और कप्तान ने मेरा पूरा समर्थन किया. मैंने वही खेलने की कोशिश की जो मैं सामान्य तौर पर टी20 क्रिकेट में खेलता हूं. लक्ष्य टीम को अच्छी शुरुआत देना था और सेट होने के बाद बड़ी पारी खेलना था.’

हरारे से खास जुड़ाव

वैभव ने यह भी बताया कि हरारे उनके लिए नई जगह नहीं है. उन्होंने यहां पहले अंडर-19 विश्व कप खेला था और इस मैदान पर बल्लेबाजी करना उन्हें पसंद है. उनका कहना था कि वह अभ्यास में जो करते हैं, वही मैच में दोहराने की कोशिश करते हैं.

श्रेयस अय्यर ने की जमकर तारीफ

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने सीरीज जीत के बाद युवा खिलाड़ियों की निडरता की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि टीम में जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखा, वही इस 3-0 की क्लीन स्वीप जीत की सबसे बड़ी वजह रहा. श्रेयस अय्यर के अनुसार, कप्तान के रूप में उनकी कोशिश रहती है कि खिलाड़ी सहज और तनावमुक्त रहें ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें.

यह भी पढ़ें- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर रचा इतिहास, टूट गए ये 5 बड़े रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा संकेत

इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारत के लिए यह सीरीज जीत बेहद महत्वपूर्ण रही. वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है. महज 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना किया, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है.

यह भी पढ़ें- Mirabai Chanu Statement: लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू ने किसको दिया इस कामयाबी का श्रेय, जान लीजिए नाम



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *