समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रामपुर में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए खुलकर समर्थन में आ गए हैं लेकिन, दिल्ली के छात्रों के आंदोलन में जिस तरह उन्होंने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और सांसद डिंपल यादव भी सक्रिय नज़र आईं, उस तरह सपा मुखिया जौहर यूनिवर्सिटी के लिए रामपुर नहीं आए, जिसे लेकर सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा ने सवाल उठाए हैं.
तंजीन फातिमा ने सपा मुखिया अखिलेश यादव और डिंपल यादव के जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने में ज्यादा सक्रिय नहीं होने और रामपुर नहीं आने पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि “ये तो पार्टी के अध्यक्ष और एमपी, एमएलए ही बता सकते हैं कि वह यहां क्यों ज़्यादा एक्टिव नहीं हैं? हो सकता है कि अब मुख्यमंत्री बनने की बजाए उनका प्रधानमंत्री बनने का मकसद हो.”
अखिलेश यादव से नाराज आजम परिवार!
डॉ तंजीन फातिमा ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को उसके नाम और विरोधी पार्टी के नेता (आजम खान) की होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. तंजीम फातिमा के इस बयान को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद एक बार फिर से अखिलेश यादव से आज़म परिवार की नाराजगी को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं.
गाजियाबाद में ऑनर किलिंग! प्रेम संबंध से नाराज भाई ने बहन का गला काटा, खेत में फेंका शव
सूत्रों के मुताबिक काफी दिनों से आजम खान परिवार अखिलेश यादव को रामपुर बुला रहा था और जब अखिलेश यादव नहीं आये तो डॉ ताज़ीन फातिमा का यह बयान सामने आया है. चर्चा है कि आज़म परिवार की नाराजगी के सपा मुखिया जल्दी ही रामपुर भी आ सकते हैं.
बता दें कि अखिलेश यादव भले ही जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए आवाज़ उठा रहे हैं लेकिन, वो ख़ुद अभी तक रामपुर नहीं गए हैं. बीते दिनों 23 जुलाई को सपा मुखिया के निर्देश नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 45 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर गया था और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर ध्वस्तीकरण रोकने की मांग की थी, इसके बाद 25 जुलाई को सपा के नौ सांसदों को प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर जा चुका है.
गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी की पाती, जनता को समझाया पर्व का महत्व
