NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बिहार और असम सरकार की ओर से राहत मिलने लगी है. दोनों राज्यों ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
इसी बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने NEET परीक्षा में सफल छात्रों को सम्मानित करने का कार्यक्रम तय किया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री खुद NEET-UG परीक्षा में सफल होने वाले शीर्ष 100 छात्रों को सम्मानित करेंगे. यह कार्यक्रम नाबन्न सभागार में आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में कोलकाता में NEET पेपर लीक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए थे और कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आई थीं.
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कोलकाता में प्रदर्शन
पिछले शुक्रवार को कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी. वामपंथी संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. प्रदर्शनकारियों ने एस्प्लेनेड क्षेत्र के डोरिना चौराहे को जाम कर दिया था. इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर जूते और पानी की बोतलें भी फेंकी थीं. पुलिस के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का समर्थन करने वाले कुछ प्रदर्शनकारी, जिन्हें अलग से मार्च निकालने की अनुमति नहीं मिली थी. वे बाद में धर्मतला में वामपंथी संगठनों की रैली में शामिल हो गए थे. इस बीच CJP ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है.
CJP पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका का बयान
CJP पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत में यह सहमति बनी थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियां वापस ली जाएंगी. साथ ही भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. CJP की कानूनी टीम से जुड़ी रत्ना सिंह ने बताया कि असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में हिरासत में लिए गए लोगों की मदद के लिए वकील लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 मुस्लिम समुदाय से हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन लोगों के खिलाफ कड़े कानून लगाए जाने की संभावना है.
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