अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (27 जुलाई 2026) को कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत हो रही है और किसी समझौते पर पहुंचने की अच्छी संभावना है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत नाकाम रही तो ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले फिर से शुरू हो जाएंगे.
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “हमारी अच्छी बातचीत हो रही है. मुझे लगता है कि कुछ अच्छा होने की संभावना है और अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम वही करेंगे जो हम दो दिन पहले कर रहे थे.” इसके बाद मिशिगन में एक चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा कि ईरान को रिश्वत देकर नहीं मनाया जा सकता और चेतावनी दी कि अगर कूटनीति सफल नहीं हुई, तो अमेरिका उन्हें बुरी तरह हरा देगा.
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब सोमवार को सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक में ड्रोन हमलों की खबरें मिली. अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ दो हफ़्ते से चल रहे बमबारी अभियान को रोक दिया. एक अमेरिकी अधिकारी और कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सैन्य कमांडरों ने ट्रंप को सलाह दी कि हमलों से जो हासिल किया जा सकता था, वह सब हो चुका है.
गोला-बारूद की कमी का मामला
अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि जॉइंट चीफ़्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने भी हवाई हमलों में इस्तेमाल होने वाले गोला-बारूद के कम होने को लेकर चिंता जताई थी. ट्रंप ने उन बातों को खारिज कर दिया कि अमेरिकी सेना को गोला-बारूद की कमी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि स्टॉक को तेजी से फिर से भरा जा रहा है और वे और भी एडवांस्ड हथियार सिस्टम चाहते हैं.
तेहरान का बातचीत की कोशिश से इनकार
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने कूटनीति का रास्ता नहीं छोड़ा है और मध्यस्थों के जरिए अभी भी बात जारी है. हालांकि, उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया है कि ईरान ने बातचीत की अपील की थी. बघाई ने कहा, “यह हमारे DNA में नहीं है.” ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि जब तक ट्रंप का खुद से लागू किया गया सीजफायर जारी रहेगा, तब तक ईरान हमले नहीं करेगा.
ये भी पढ़ें
चीन ने तरेरी आंख, US को दी जवाबी कार्रवाई की धमकी, जानें पूरा मामला
