उद्धव ठाकरे गुट के नेता आनंद दुबे ने एंटी पेपर लीक बिल पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आज Gen-Z को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा रहा है, ये हमारे लिए बड़े शर्म की बात है. कॉकरोच जैसी नकारात्मक शक्तियां आती हैं तब सरकार जागती है? क्या सकारात्मक लोगों की बात सरकार नहीं सुन सकती? किसानों और छात्रों की बात तब सुनी जाएगी जब लाठीचार्ज होगा, जब आंसू गैस के गोले छोड़े जाएंगे? क्या यही अच्छे दिन हैं कि आप हमारे बच्चों के पेपर ठीक से नहीं करा पा रहे हैं?
दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए- आनंद दुबे
आनंद दुबे ने आगे कहा, “बहुत सारे पेपर लीक होते हैं. कई बातें खुल जाती हैं, कई बातें दब जाती हैं. इन दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए और 100 करोड़ का जुर्माना लगना चाहिए. तब जाकर ये सुधरेंगे.”
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राहुल गांधी के बयान पर क्या बोले?
धर्मेंद्र प्रधान पर राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, “हम इसमें राजनीति नहीं करना चाहते. राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं. वो क्या कह रहे हैं, नहीं कर रहे हैं, वो चर्चा बाद में हो जाएगी. हमारा मेन फोकस देश के शिक्षा व्यवस्था की कमर जो टूट गई है, उस कमर को हमें फिर से सीधा करना है. आज हमारे पड़ोसी चीन की शिक्षा को देखिए. यूरोप और रूस के शिक्षा की स्थिति देखिए. आज हम कहां हैं? क्या हम ऐसे विकसित भारत बनेंगे?”
बच्चों पर लगे सभी केस वापस लिए जाएं- आनंदु दुबे
शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि हम पुलिस का बहुत सम्मान करते हैं. पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए है. लेकिन बच्चों पर लाठी मत चलाइए. अपराधी और गुंडों पर एफआईआर करिए लेकिन मासूम बच्चों को छोड़ दीजिए. उनका करियर खराब न हो इसलिए बच्चों पर लगाए गए आरोप निरस्त किए जाएं. सभी केस वापस लिए जाएं.
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