शामली नगर पालिका में जलभराव की समस्या को लेकर पहुंची महिलाओं और वार्ड सभासद के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई. आरोप है कि महिलाओं ने वार्ड सभासद और भाजपा जिला मंत्री अनिल उपाध्याय के साथ मारपीट की. इतना ही नहीं, सभासद जब वहां से निकलकर सदर कोतवाली की ओर पहुंचे तो थाने के गेट के सामने भी उन्हें पकड़ लिया गया. दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, पूरा मामला शामली सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित नगर पालिका कार्यालय का है. बताया जा रहा है कि मोहल्ला दयानंद नगर के वार्ड संख्या 16 के रहने वाले कुछ महिला और पुरुष अपने इलाके में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को लेकर नगर पालिका पहुंचे थे. इसी दौरान वार्ड सभासद और भाजपा जिला मंत्री अनिल उपाध्याय भी नगर पालिका में मौजूद थे. जलभराव की समस्या को लेकर सभासद और वार्डवासियों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी शुरू हो गई.
आरोप है कि विवाद के दौरान सभासद द्वारा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया और कुछ लोगों ने सभासद के साथ मारपीट शुरू कर दी. जब अनिल उपाध्याय को पकड़ने की कोशिश की तो अनिल उपाध्याय वहां से निकल गए और विपक्ष लोगों ने पीछे भाग कर उनके साथ मारपीट की. मारपीट की घटना सोशल मीडिया पर वायरल है.
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थाने गेट में सभासद को महिला और पुरुष ने पीटा
बताया जा रहा है कि सभासद किसी तरह वहां से निकलकर सदर कोतवाली की ओर पहुंचे, लेकिन थाने के गेट के सामने उन्हें दोबारा पकड़ लिया गया. इसके बाद एक महिला और एक पुरुष ने सभासद का गिरेबान पकड़कर उनके साथ मारपीट की और उन्हें थाने के अंदर ले गए.
नगर पालिका चेयरमैन पर लगाया आरोप
वहीं, सभासद अनिल उपाध्याय ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है. उनका आरोप है कि वह नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. सभासद ने भीड़ को उनके साथ मारपीट के लिए उकसाने का आरोप नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल पर लगाया है.
सभासद का गिरेबान पकड़ने वाली महिला ने क्या कहा?
वहीं, सभासद का गिरेबान पकड़ने वाली महिला का आरोप है कि वार्ड में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है और सभासद द्वारा समस्या के समाधान के काम में बाधा डाली जा रही थी. महिला का कहना है कि जब उन्होंने सभासद से काम में बाधा नहीं डालने का अनुरोध किया तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई.
पुलिस ने दोनों तरफ से दर्ज की शिकायत
हालांकि, चेयरमैन अरविंद संगल ने सभासद के लगाए गए भीड़ को उकसाने के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. फिलहाल दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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