उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बीजेपी नेता की गाड़ी पर हुए पथराव और उपद्रव का मामला अब बड़े सियासी संग्राम में बदल गया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय उर्फ गोरेलाल की गाड़ी पर हमले और पीएम-सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सपा कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी ने भी मोर्चा खोल दिया है. स्थानीय सपा विधायक जाहिद बेग ने इस पूरी कार्रवाई को योगी आदित्यनाथ सरकार की बदले की राजनीति करार दिया है.
भदोही सदर से सपा विधायक जाहिद बेग ने जिलाधिकारी शैलेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर काशी नरेश विश्वविद्यालय गेट के सामने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है. उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार के बाहर कहा कि बीजेपी के लोग डराये नहीं क्योंकि समाजवादी पार्टी के लोग डरने वाले नहीं है चाहे तो दुबारा जेल भेजवा दें.
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शांतिपूर्वक आंदोलन को भटकाने की साजिश
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा विधायक जाहिद बेग ने कहा कि छात्र नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रशासन को सूचना देकर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे. लेकिन कुछ लोगों ने साजिश के तहत वहां पहुंचकर आंदोलन को भटकाया और सत्ता के दबाव में छात्रों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए. विधायक ने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है.
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद काशी नरेश विश्वविद्यालय गेट के पास प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था. आरोप है कि वहां से गुजर रहे बीजेपी नेता गोरेलाल पाण्डेय की गाड़ी को भीड़ ने घेर लिया, बीजेपी का झंडा उखाड़कर पैरों तले रौंदा और पथराव किया. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भद्दी भद्दी गालियां दी गईं.
बीजेपी नेता का आरोप था कि यह छात्रों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सपा के पाले हुए गुंडों का जानलेवा हमला था. ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर चांद बाबू, शुभम यादव समेत 9 नामजद और 10 अज्ञात लोगों पर संगीन धाराओं में FIR दर्ज की थी.
भदोही में बढ़ा सियासी पारा
एक तरफ जहां बीजेपी कार्यकर्ता इस घटना को सपा की गुंडागर्दी करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं सपा विधायक के मैदान में उतरने से मामला पूरी तरह राजनीतिक हो गया है. विधायक द्वारा सीधे डीएम से मिलकर केस वापस लेने की मांग के बाद अब पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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