बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में बुधवार (29 जुलाई, 2026) को कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कई बड़े निर्णय लिए गए. बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगी. निर्णय लिया गया कि समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका के 22,000 पदों पर बहाली की जाएगी.
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के अंतर्गत वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है. प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी तथा रीफर वाहनों की व्यवस्था विकसित की जाएगी.
केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत लखीसराय एवं किशनगंज जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹150.96 करोड़ और किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹53.71 करोड़ की स्वीकृति मिली है.
इन परियोजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा तथा शहरी आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी. हमारी सरकार हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है.
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मिथिलांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में भी पहल
दरभंगा के रैयाम एवं मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों तथा गन्ना उपोत्पाद (By-products) आधारित उद्योगों की के लिए स्वीकृत परियोजना प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. इस पहल से गन्ना किसानों को बेहतर अवसर, स्थानीय युवाओं को रोजगार और मिथिलांचल के औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी.
कैबिनेट से पथ निर्माण विभाग द्वारा जमुई जिले में NH-333A पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. खैरा-सोनो पथ के 72वें किमी पर नरियाना घाट (क्यूल नदी) पर ₹93.82 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण होगा. खैरा-सोनो पथ के 80वें किमी पर मंगोबंदर-सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण.
इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, आवागमन सुगम बनेगा और स्थानीय व्यापार, कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. हमारी सरकार आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है.
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