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PM मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा ने लिखी चिट्ठी, जानें क्या कहा?


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  • कंपनी ने अब वीआईपी पोस्ट्स की सख्त निगरानी का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक पर पोस्ट किए गए वीडियो के हटने के बाद मामले को लेकर सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था. केंद्र सरकार की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद मेटा कंपनी ने बुधवार (29 जुलाई, 2026) को केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा. पत्र में मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ अन्य प्रमुख हस्तियों की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जाने वाले पोस्ट पर लागू सख्त और आधुनिक सुरक्षा उपायों का ब्योरा दिया है.

मेटा ने मोदी सरकार से पत्र में क्या कहा?

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि मेटा ने मोदी सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों की तरफ से पोस्ट की गई सामग्री पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी और उनकी समीक्षा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कई स्तर पर की जाएगी.

सरकार से मिलने कब आएंगे मेटा के अधिकारी?

सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाने से जुड़े मामले में मेटा की टीम इस हफ्ते के आखिर में या अगले हफ्ते की शुरुआत में सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर सकती है. 

युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने किया था पोस्ट

केंद्र सरकार ने पीएम मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को थोड़ी देर के लिए हटाए जाने के मुद्दे पर मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को मेटा के वैश्विक लोक नीति प्रमुख को तलब किया था. पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते 23 जुलाई, 2026 की अपने फेसबुक पोस्ट में युवाओं को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था.

वहीं, पीएम मोदी के वीडियो के फेसबुक से गायब होने के मामले में अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए माफी भी मांगी थी. मेटा ने इस के लिए अपने ऑटोमेटिक AI कंटेंट फिल्टर में आई तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया था. मेटा ने कहा था कि गलती से हटाई गई सामग्री को बाद में बहाल कर दिया गया था. हालांकि, आईटी मंत्रालय ने कंपनी की इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना. 

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