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Sawan 2026 Niyam: सावन में बाल और नाखून काटना, शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और गरुड़ पुराण के नियम


Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना सबसे पवित्र और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का समय माना गया है. इस पूरे माह में भक्त व्रत, जप और सात्विक नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं. हालांकि, हर साल सावन की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं के मन में एक बड़ा सवाल उठता है, क्या सावन में बाल, दाढ़ी और नाखून काटना सच में भयंकर नुकसान पहुंचा सकता है?

गरुड़ पुराण और धार्मिक शास्त्रों के अनुसार गलत दिनों में ये कार्य करने से जीवन में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

सावन में क्यों वर्जित है बाल और नाखून काटना?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना आत्म-संयम, शारीरिक शुद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा संचय का काल है. इस दौरान ग्रूमिंग से जुड़े कार्यों को टालने के पीछे मुख्य धार्मिक और व्यावहारिक कारण हैं:

  • पूजा का फल निष्फल होना: माना जाता है कि सावन में साधक यदि स्वच्छता के कड़े नियमों को तोड़ते हैं, तो उनके व्रत और अनुष्ठान का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त नहीं होता.
  • ग्रह दोष और नकारात्मकता: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सावन में अनावश्यक रूप से बाल या नाखून काटने से व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और ग्रह दोष निर्मित होते हैं.
  • वैज्ञानिक व सेहत संबंधी दृष्टिकोण: वर्षा ऋतु यानी सावन के मौसम में हवा में नमी और बैक्टीरिया अधिक होते हैं. प्राचीन काल में धारदार औजारों से कटने पर संक्रमण (Infection) का खतरा ज्यादा रहता था, इसलिए ऋषियों ने इस दौरान संयम बरतने का नियम बनाया.

गरुड़ पुराण के अनुसार किस दिन क्या होता है प्रभाव?

गरुड़ पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में सप्ताह के प्रत्येक दिन बाल और नाखून काटने के अलग-अलग फल बताए गए हैं:

सोमवार: सावन का सोमवार शिव जी को समर्पित है. इस दिन बाल या नाखून काटने से मानसिक तनाव बढ़ता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

मंगलवार: इस दिन बाल-नाखून काटना अत्यंत अशुभ माना गया है. इससे व्यक्ति की आयु कम होती है और अकाल मृत्यु का भय बढ़ता है.

बुधवार: बुधवार का दिन बाल और नाखून काटने के लिए सर्वोत्तम और शुभ माना गया है. इससे घर में धन-धान्य और मां लक्ष्मी का वास होता है.

गुरुवार: गुरुवार को यह कार्य करने से भगवान विष्णु नाराज होते हैं, जिससे घर में दरिद्रता आती है और ज्ञान-बुद्धि का नाश होता है.

शुक्रवार: शुक्रवार का दिन भी इस कार्य के लिए शुभ माना गया है. इससे जीवन में सुख, समृद्धि और सौंदर्य में वृद्धि होती है.

शनिवार: शनिवार को नाखून या बाल काटने से शनि देव का कोप झेलना पड़ सकता है, जिससे कार्यों में रुकावटें आती हैं.

रविवार: रविवार के दिन यह कार्य करने से धन, मान-सम्मान और धर्म का नाश होता है.

इन तिथियों पर भी रखें विशेष ध्यान

गरुड़ पुराण के अनुसार सावन के सभी सोमवार, अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी की तिथियों पर बाल या नाखून काटना सख्त वर्जित है. यदि बहुत आवश्यक हो, तो केवल बुधवार या शुक्रवार के दिन ही स्वच्छता का यह कार्य करें. सावन में नियमों का पालन करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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