US Sanctions Bill भारत और चीन पर प्रस्तावित 100% टैरिफ के खिलाफ अब अमेरिका के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं. अमेरिकी सीनेटर रॉन वायडेन और रैंड पॉल ने रूस पर प्रतिबंध से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान चेतावनी दी कि इस तरह के प्रावधान अमेरिका के अपने हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और उसके प्रमुख साझेदार देशों के साथ संबंधों में तनाव पैदा कर सकते हैं.
चर्चा के दौरान सीनेटर रैंड पॉल ने प्रस्तावित टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि यह अमेरिका के लिए “अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने” जैसा कदम होगा. उन्होंने कहा कि भारत पर इस तरह का अतिरिक्त टैक्स लगाने से भारत-अमेरिका संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी प्रभावित हो सकती है.
अमेरिकी सीनेटर्स का विरोध
वहीं, सीनेटर रॉन वायडेन ने भी विधेयक में शामिल टैरिफ संबंधी प्रावधानों पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि ऐसे कदमों से अमेरिका के आर्थिक और कूटनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं तथा महत्वपूर्ण सहयोगी देशों के साथ उसके संबंधों में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है.
उनकी तरफ से ये टिप्पणी ऐसे समय पर की गई है जब जब अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक (बिल) को आगे बढ़ाया है, जिसके तहत रूस के साथ व्यापार जारी रखने के कारण भारत और चार अन्य देशों पर 100% तक का शुल्क (टैरिफ) लगाया जा सकता है.
भारत-चीन जैसे देशों पर बड़ा असर
इससे पहले, दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की ओर से तैयार किए गए इस व्यापक कानून को 28 जुलाई को यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी कैपिटल यात्रा के दौरान आगे बढ़ाया गया था.
अगर ये विधेयक अपने वर्तमान रूप में लागू हो जाता है, तो यह उन देशों को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है जो रूसी ऊर्जा और अन्य वस्तुओं का आयात जारी रखते हैं, और भारत भी उन प्रभावित संभावित देशों में शामिल है.
ट्रंप ने जारी किए नए आदेश
दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से किए जाने वाले ‘बर्थ टूरिज्म’ (Birth Tourism) पर सख्ती करने और जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र लोगों की संख्या सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेश (Executive Orders) पर हस्ताक्षर किए हैं. ये कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ सप्ताह पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने संबंधी पहले जारी कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया था.
पहले कार्यकारी आदेश के तहत उन लोगों को निशाना बनाया गया है, जो व्यावसायिक रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ का सहारा लेकर अपने बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं. इस आदेश का मकसद ऐसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश को सीमित करना है. दूसरे कार्यकारी आदेश में उन लोगों की परिभाषा का विस्तार किया गया है, जिन्हें जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए अयोग्य माना जाएगा.
इसके तहत विदेशी सरकारों की ओर से पैरवी (लॉबिंग) करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी जन्मसिद्ध अमेरिकी नागरिकता के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है.
गौरतलब है कि 30 जून को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस पहले कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को समाप्त करने की कोशिश की गई थी. अदालत ने 100 वर्षों से अधिक समय से लागू संवैधानिक व्यवस्था को बरकरार रखते हुए कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चे अमेरिकी नागरिक माने जाएंगे.
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