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इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद झुका ईरान? ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘तेहरान ने किया…’


इस्लामाबाद में 21 घंटे की मैराथन शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका-ईरान के बीच ‘समझौते’ के लिए दूसरे दौर की बातचीत की खबरें फिर तैरने लगी हैं. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क किया है और समझौता करने की गुहार लगा रहा है. 

‘समझौता करना चाहता है ईरान’ – ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, डील के लिए सोमवार को तेहरान की ओर से कॉल की गई. उन्होंने दावा किया किया ईरान समझौता करने के लिए बेताब दिख रहा है और जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है. हालांकि ईरान की ओर से ट्रंप के दावे पर अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

ईरान के US से संपर्क करने का दावा

ट्रंप ने कहा, ‘सीजफायर  के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद ईरान ने अमेरिका से संपर्क किया है. उनकी ओर से कॉल किया गया. वह हर हाल में डील करना चाहता है. हम साफ-साफ अपनी शर्त बताना चाहते हैं कि ईरान अपनी न्यूक्लियर क्षमता बनाए रखता है तो फिर कोई समझौता होना मुश्किल है.’

क्या बोले ट्रंप ?

उन्होंने आगे कहा कि ‘वह इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते हैं कि अगर युद्धविराम खत्म होने तक समझौता नहीं हो पाया तो क्या होगा. हालांकि, उन्होंने जोड़ा कि अगर ऐसा होता है तो यह ईरान के लिए अच्छा नहीं होगा. ईरान ने परमाणु हथियार रखने पर सहमति देने से इनकार कर दिया है लेकिन अमेरिका वह परमाणु सामग्री वापस लेगा.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ‘परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा’. आगे कहा, अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है क्योंकि वे तेहरान पर वार्ता में लौटने के लिए दबाव बना रहे हैं. 

ओवल ऑफिस के बाहर एक अनियोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ विवाद परमाणु क्षमताओं को लेकर है. उन्होंने कहा, ‘यह इस बात को लेकर है कि उन्हें कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलेगा, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा.’ 

‘मुझे यकीन है वो मान जाएंगे’

उन्होंने आगे कहा कि बातचीत के दौरान तेहरान ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया था. ‘हमने कई बातों पर सहमति बनाई, लेकिन उन्होंने इस पर सहमति नहीं दी और मुझे लगता है कि वे मान जाएंगे. मुझे लगभग पूरा भरोसा है. दरअसल, मुझे पूरा यकीन है. अगर वे सहमत नहीं होते, तो कोई समझौता नहीं होगा.’

सैन्य मोर्चे पर ट्रंप ने पुष्टि की कि नाकाबंदी शुरू हो चुकी है.ट्रंप ने कहा, ‘हम किसी देश को दुनिया को ब्लैकमेल या जबरन वसूली करने की अनुमति नहीं दे सकते, क्योंकि वे यही कर रहे हैं. वे वास्तव में दुनिया को ब्लैकमेल कर रहे हैं. हम ऐसा होने नहीं देंगे.’ ट्रंप ने संकेत दिया कि यह नाकाबंदी कई उद्देश्यों को पूरा कर सकती है, जिसमें ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाना और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करना शामिल है.

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