झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा को लेकर धांधली के आरोपों के बीच अब CID की जांच से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं. एबीपी न्यूज के हाथ लगे जांच दस्तावेज में परीक्षा से दो दिन पहले अभ्यर्थियों को दूसरे शहर ले जाकर परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब रटवाने का दावा किया गया है. जांच के मुताबिक, इस पूरे मामले में 28 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर सेट किया गया था, जिनमें से 10 ने बाद में परीक्षा पास की.
JSSC CGL परीक्षा 22 सितंबर 2024 को होनी थी. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 सितंबर को 28 अभ्यर्थियों को पटना बुलाया गया था. आरोप है कि इन अभ्यर्थियों को पटना से नेपाल के विराटनगर ले जाया गया. वहां सभी अभ्यर्थियों को एक होटल में ठहराया गया.
जांच के अनुसार, राम प्रवेश यादव और उनके साले रघुवीर यादव ने इन 28 अभ्यर्थियों को सेट करने का काम किया था. पटना में कौशलेंद्र उर्फ राहुल के पास से सभी अभ्यर्थियों को विराटनगर ले जाने की बात भी जांच में सामने आई है.
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होटल में 135 सवालों के जवाब रटवाने का दावा
CID की जांच में सामने आया कि संदीप त्रिपाठी CGL परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के उत्तर लेकर विराटनगर के होटल पहुंचा. इसके बाद वहां मौजूद सभी 28 अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर याद करवाए गए.
जांच दस्तावेज के मुताबिक, अभ्यर्थियों को कुल 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे. इनमें से 120 प्रश्नों के उत्तर सही पाए जाने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज है. इसके बाद सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले विराटनगर से वापस भेज दिया गया. अभ्यर्थियों को यह भी हिदायत दी गई थी कि परीक्षा केंद्र पर किसी तरह की चिट-पुर्जा लेकर नहीं जाना है.
28 में से 10 अभ्यर्थियों ने पास की परीक्षा
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, विराटनगर ले जाए गए 28 अभ्यर्थियों में से 10 अभ्यर्थियों ने JSSC CGL परीक्षा पास की. रिपोर्ट में सफल अभ्यर्थियों के नाम भी दर्ज हैं. इनमें अरविंद कुमार, अमन कुमार सिंह, विभूति अमन, दिवाकर कुमार देव, उपेन्द्र यादव, कृष्णा स्नेही, दयानंद यादव, नवीन कुमार यादव, उमेश कुमार और विकास कुमार के नाम बताए गए हैं.
रिजल्ट आने के बाद जांचकर्ता ने कुन्दन, रामनिवास और कौशलेंद्र से बात की और परीक्षा में सफल हुए इन 10 अभ्यर्थियों के नामों का उल्लेख किया.
अभ्यर्थियों से पैसे लेने और धमकाने का भी आरोप
जांच दस्तावेज में इस पूरे मामले में पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध कराए गए खातों में अब तक करीब 8 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है.
रिपोर्ट में संदीप त्रिपाठी, जो गोरखपुर का रहने वाला बताया गया है, पर अभ्यर्थियों से लगातार पैसे मांगने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी दर्ज है. जांच के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर अभ्यर्थियों को धमकाने और दोबारा बुलाने की बात भी सामने आई.
जांच दस्तावेज के अनुसार, अभ्यर्थियों को तीन-तीन कमरों में रुकवाया गया था. सभी छात्रों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और कुछ छात्रों से खाली चेक भी जमा कराने की बात कही गई है.
1 जनवरी 2025 से CID ने शुरू की जांच
जांच दस्तावेज के मुताबिक, JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद हंगामा हुआ और केस दर्ज किया गया. CID ने 1 जनवरी 2025 को मामले की जांच शुरू की थी. इस दौरान कई आरोपियों से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए. जांच दस्तावेज के मुताबिक, इस कांड में पूरक कांड दैनिकी संख्या-2, दिनांक 09 जून 2025 को समर्पित की जा चुकी है.
जांच के दौरान आरोपी अनिश कुमार और विनय साह के खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की गई. छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद अनिश कुमार और विनय साह को लेकर पुलिस टीम रांची स्थित अपराध अनुसंधान विभाग कार्यालय पहुंची. वहीं, जांच में अनिश कुमार के पश्चिम बंगाल स्थित ठिकाने की जानकारी भी जुटाई गई.
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अभ्यर्थी कर रहे परीक्षा रद्द करने की मांग
JSSC CGL परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि JSSC CGL परीक्षा को रद्द किया जाए और पूरे मामले की व्यापक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए.
अब CID जांच से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद अभ्यर्थियों के आरोपों को और बल मिला है. हालांकि, दस्तावेजों में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. फिलहाल सामने आए दस्तावेजों ने JSSC CGL परीक्षा की निष्पक्षता और पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
