यदि आप भी वाराणसी आने का प्लान कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइये, क्योंकि यह खबर आपके लिए है. वाराणसी में अगले आदेश तक सभी प्रकार के नाव का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया गया है, यह निर्णय गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है. बता दें कि सावन के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु काशी के प्राचीन धार्मिक स्थल पर पहुंच रहे हैं. इसमें से अधिकांश गंगा नदी में नौका विहार भी करते हैं.
इस संबंध में एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी में बीते दिनों गंगा के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी और गंगा नदी में बहाव में तेजी को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी में नौका संचालन को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
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गंगा नदी में 2000 से अधिक नावों का संचालन
वाराणसी में गंगा नदी में 2000 से अधिक नाव का संचालन किया जाता है. वर्तमान समय में गंगा का जलस्तर 63 मीटर के ऊपर है. तेज बहाव की वजह से कोई दुर्घटना ना हो और नौका विहार के दौरान जनहानि ना हो, इसको ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर
हालांकि, काशी के गंगा घाट पर रहने वाले और श्रद्धालुओं के लिए एक राहत भरी खबर है . गंगा नदी के जलस्तर में अब घटाव देखा जा रहा है. बीते दिनों से निरंतर बढ़ोतरी हो रही थी, आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने पर नौका संचालन को फिर से शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल नाव संचालन पर रोक का फैसला श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है.
श्रावण में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
बहरहाल, यहां उल्लेख करना उचित होगा कि, इन दिनों श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है और देशभर से तमाम शिव भक्त भगवान काशी विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचते हैं, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी में नाव संचालन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है. हालांकि, यह आदेश अस्थायी है, गंगा नदी का जलस्तर कम होते ही दोबारा नावों का संचालन शुरू किया जा सकता है.
